Thursday, August 27, 2026
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गुरुग्राम को मिला उत्तर भारत का सबसे बड़ा अत्याधुनिक न्यायिक केंद्र; ‘टावर ऑफ जस्टिस’ का हुआ भव्य उद्घाटन

  • मुख्य अतिथि : भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संयुक्त रूप से किया रिबन काटकर लोकार्पण.
  • वर्चुअल शिलान्यास: गुरुग्राम समारोह से ही नूंह जिले के तावडू और पुनहाना न्यायिक परिसरों की भी डिजिटल माध्यम से आधारशिला रखी गई.
  • बुनियादी ढांचा: लगभग 7 एकड़ क्षेत्र में फैले इस नए परिसर में पुराने 45 कोर्ट रूम की जगह अब 55 हाई-टेक कोर्ट रूम स्थापित किए गए हैं.

गुरुग्राम, 12 जुलाई, 2026: हरियाणा के न्यायिक ढांचे को मजबूत करने और आम जनता को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में आज एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित हुआ है. भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने रविवार को गुरुग्राम में नवनिर्मित अत्याधुनिक ‘टावर ऑफ जस्टिस’ न्यायिक परिसर का विधिवत उद्घाटन किया. इस ऐतिहासिक अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे. इस दौरान भवन के निर्माण में योगदान देने वाले निर्माण श्रमिकों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया गया.

नागरिकों और न्याय के बीच की दूरी होगी कम: चीफ जस्टिस

समारोह को संबोधित करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने पुरानी यादों को साझा करते हुए कहा कि जनवरी 2017 में हाई कोर्ट के जज के रूप में उन्होंने ही इस परिसर का भूमि-पूजन किया था. उन्होंने कहा कि गुरुग्राम आज फॉर्च्यून 500 कंपनियों और हजारों स्टार्टअप्स का वैश्विक केंद्र बन चुका है, जिससे यहां व्यापारिक, संपत्ति और रोजगार से जुड़े विवाद भी बढ़े हैं. वर्तमान में यहां की अदालतों में 24,000 से अधिक दीवानी मामले और एक लाख से ज्यादा चेक बाउंस (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट) के मामले लंबित हैं. ऐसे में यह परिसर केवल एक शानदार इमारत नहीं, बल्कि न्याय तक पहुंच को प्रभावी बनाने का एक संवेदनशील माध्यम साबित होगा.

ईज ऑफ डूइंग बिजनेसके साथ ईज ऑफ जस्टिसभी जरूरी: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साल 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि आर्थिक प्रगति के लिए सरल, सुलभ और समयबद्ध न्याय प्रणाली अनिवार्य है. उन्होंने वकीलों की सुविधा के लिए एक बड़ा एलान करते हुए कहा कि पुराने अदालती परिसर के एक हिस्से को वकीलों के लिए आधुनिक चैंबरों के निर्माण हेतु समर्पित किया जाएगा. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और अर्जुन राम मेघवाल ने भी डिजिटल अदालतों (ई-कोर्ट), वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और वैकल्पिक विवाद समाधान (मध्यस्थता) को मजबूत करने पर बल दिया.

विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस है नया परिसर

उत्तर भारत के सबसे बड़े न्यायिक केंद्रों में शुमार यह परिसर दो गगनचुंबी टावरों में विकसित किया गया है. अदालती कार्यप्रणाली को सुचारू और डिजिटल बनाने के लिए इसमें अत्याधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम, एक व्यवस्थित ज्यूडीशियल मालखाना, बैंक, डाकघर, विशाल बार लाइब्रेरी और मध्यस्थता केंद्र (मीडिएशन सेंटर) बनाए गए हैं. इसके अलावा, हाई कोर्ट की देखरेख में चलने वाला एक इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर भी यहां प्रस्तावित है, जो कॉर्पोरेट और वाणिज्यिक विवादों के जल्द निपटारे में मील का पत्थर साबित होगा.

इस गरिमामयी समारोह में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कई सम्मानित न्यायाधीश, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री, स्थानीय विधायक और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे.

 

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