पंचकूला, 16 जुलाई, 2026 (संजीव शर्मा): इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स काउंसिल (आईएचआरसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशनरत सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए सभी संबंधित पक्षों से शांतिपूर्ण, संवैधानिक और लोकतांत्रिक संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की है।
जारी बयान में शर्मा ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को कानून के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार प्रदान करता है। साथ ही, प्रत्येक व्यक्ति के जीवन, स्वास्थ्य और गरिमा की रक्षा करना राज्य का संवैधानिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े विषयों का समाधान संवैधानिक संस्थाओं, आपसी संवाद तथा विधिसम्मत प्रक्रिया के माध्यम से ही किया जाना चाहिए। यही लोकतंत्र की मूल भावना और कानून के शासन के अनुरूप है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से संयम, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए रचनात्मक वार्ता के माध्यम से शांतिपूर्ण एवं न्यायसंगत समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया।
आईएचआरसी ने प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया कि अनशनरत व्यक्ति के स्वास्थ्य की नियमित चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यकतानुसार संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर संवैधानिक एवं कानूनी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएँ।
शर्मा ने स्पष्ट किया कि इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स काउंसिल का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल, आंदोलन या विचारधारा का समर्थन अथवा विरोध करना नहीं है, बल्कि मानवाधिकारों, मानव गरिमा, जीवन के अधिकार तथा संविधान में निहित मूल्यों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को व्यक्त करना है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित पक्ष लोकतांत्रिक परंपराओं, कानून के शासन और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शांतिपूर्ण, संवैधानिक एवं न्यायसंगत समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल करेंगे।






