संगरूर, 16 जुलाई, 2026 : संगरूर स्थित अकाल कॉलेज ऑफ एजुकेशन में आयोजित सात दिवसीय युवा आपदा मित्र योजना (YAMS) के तहत राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण का चौथा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दिन का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों की आपदा प्रबंधन संबंधी व्यावहारिक क्षमताओं को कक्षा आधारित सत्रों, प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) तथा अनुभव आधारित गतिविधियों के माध्यम से सुदृढ़ करना था।
प्रशिक्षण के चौथे दिन स्वयंसेवकों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), नरम ऊतकों की चोटें (Soft Tissue Injuries), अग्नि सुरक्षा के सिद्धांत एवं फायर सेफ्टी डेमोंस्ट्रेशन, भार उठाने एवं स्थिर करने (Lifting and Stabilizing Loads) तथा घायल व्यक्तियों को सुरक्षित तरीके से उठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने (Lifting and Moving Patients) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
इन प्रशिक्षण सत्रों का उद्देश्य एनएसएस स्वयंसेवकों के ज्ञान और कौशल को मजबूत करना था, ताकि वे प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं के समय त्वरित एवं प्रभावी सहायता प्रदान कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान आपदा से पूर्व तैयारी के महत्व तथा प्रशिक्षित सामुदायिक स्वयंसेवकों की भूमिका पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।
प्रशिक्षण के व्यावहारिक सत्र के अंतर्गत चौथे दिन जिला संगरूर की फायर एंड रेस्क्यू इमरजेंसी टीम द्वारा अग्निशमन एवं बचाव कार्यों से संबंधित सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। स्वयंसेवकों ने फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) के उपयोग तथा आग लगने की स्थिति में प्रभावी ढंग से बचाव एवं प्रतिक्रिया देने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
इस प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण से प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ा तथा वे आग से संबंधित आपातकालीन परिस्थितियों में जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के लिए अधिक सक्षम बने। इसके अतिरिक्त, बचाव अभियानों के दौरान घायलों को उठाने, स्थिर करने तथा सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने संबंधी तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया गया।
युवा आपदा मित्र योजना के तहत आयोजित यह सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य देश के प्रत्येक जिले में प्रशिक्षित युवाओं की समर्पित टीम तैयार करना है। पंजाब में इस योजना को मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) द्वारा महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (MGSIPA), चंडीगढ़ के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पंजाब के सभी जिलों में आयोजित किया जाएगा, ताकि राज्य के युवाओं को आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित एवं सक्षम बनाया जा सके और वे किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में जिला प्रशासन की प्रभावी सहायता कर सकें।
कार्यक्रम के समापन पर प्रो. (डॉ.) जोग सिंह भाटिया, वरिष्ठ सलाहकार (आपदा प्रबंधन), एमजीएसआईपीए, पंजाब सरकार एवं उनकी टीम ने फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग, संगरूर के योगदान की सराहना की। उन्होंने युवाओं को व्यावहारिक एवं क्षेत्रीय अनुभव प्रदान करने के लिए विभाग का धन्यवाद किया तथा सम्मान स्वरूप एक स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।
संगरूर में प्रो. जोग सिंह भाटिया के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों की एक समर्पित टीम आपदाओं की रोकथाम, तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया तथा पुनर्वास से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर रही है।
इस विशेषज्ञ टीम में योगेश, सुनील, बलविंदर, सलोनी, एतिशा परमार तथा कार्तिक शामिल हैं।