1अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित स्पोर्ट्स, फिटनेस और इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपो में लगाए गए हरियाणा पवेलियन को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। एक्सपो में पहुंच रहे युवा हरियाणा के खिलाड़ियों की सफलता और प्रतिभा के पीछे के कारणों को जानने में खास रुचि दिखा रहे हैं। साथ ही वे हरियाणा सरकार की ओर से खिलाड़ियों को दी जा रही सुविधाओं और योजनाओं की जानकारी भी ले रहे हैं।
हरियाणा खेल विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि पवेलियन में बड़ी संख्या में खिलाड़ी, युवा और कोच पहुंच रहे हैं। आगंतुक हरियाणा सरकार की खेल नीतियों, खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं और उनकी तैयारियों की प्रक्रिया के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पवेलियन की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खेल विभाग के माध्यम से खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, जिसकी एक्सपो में आने वाले लोग सराहना कर रहे हैं।
खेल नीतियों से खिलाड़ियों को मिल रहा लाभ
प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा सरकार ने प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कई खेल नीतियां लागू की हैं। इन नीतियों के माध्यम से खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा, रोजगार, प्रशिक्षण और बेहतर खेल सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से अब तक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को विभिन्न सरकारी विभागों में श्रेणी-ए, बी और सी के तहत सीधे नियुक्तियां दी गई हैं, ताकि उन्हें सम्मानजनक रोजगार मिल सके।
17 हजार से अधिक खिलाड़ियों को मिला लाभ, 721 करोड़ रुपये से ज्यादा की पुरस्कार राशि वितरित
हरियाणा सरकार की नकद पुरस्कार योजना के तहत वर्ष 2014 से अब तक 17 हजार से अधिक खिलाड़ियों को लाभ दिया जा चुका है। इस योजना के अंतर्गत खिलाड़ियों को 721.20 करोड़ रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि वितरित की गई है। प्रवक्ता ने कहा कि यह योजना खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। वर्तमान में हरियाणा में 3 राज्य स्तरीय खेल कॉम्प्लेक्स, 21 जिला स्तरीय खेल कॉम्प्लेक्स, 25 उपमंडल स्तरीय खेल कॉम्प्लेक्स, 163 राजीव गांधी खेल परिसरों और 245 मिनी ग्रामीण स्टेडियमों का संचालन किया जा रहा है। इन खेल सुविधाओं के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।






