5 अगस्त,2026 (जतिंदर गर्ग): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में नशे के खिलाफ “नशा मुक्त भारत और विकसित भारत संकल्प अभियान” की शुरुआत करते हुए देशवासियों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में जगत गुरु नानक देव पंजाब स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी के चांसलर और पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने चंडीगढ़ स्थित लोक भवन से विशेष रूप से भाग लिया। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. रतन सिंह और समूचे स्टाफ ने नशा मुक्त अभियान को सफल बनाने में हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए पूरे समाज को एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को नशे से बचाना ही देश के भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने कहा कि “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान केवल नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को जागरूक करने, इलाज, पुनर्वास, शिक्षा, खेल और कौशल विकास से जोड़ने वाली एक व्यापक सामाजिक पहल है।
प्रधानमंत्री ने शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों, स्कूलों और अन्य संस्थानों को नशे की रोकथाम के लिए शोध, जागरूकता अभियान और सामाजिक भागीदारी में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने सभी वाइस चांसलरों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों से अपील की कि वे अपने परिसरों को नशामुक्त बनाने के लिए प्रयास करें और नशे की लत से जूझ रहे विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें इससे बाहर निकलने में सहायता प्रदान करें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब समय जागरूक होने का है और नशे की चपेट में आए युवाओं को तिरस्कार नहीं बल्कि सहयोग, मार्गदर्शन और प्यार की जरूरत है।






