संगरूर, 10 अगस्त,2026 (जतिंदर गर्ग): नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिला संगरूर में नशे के खिलाफ जागरूकता पैदा करने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गांव स्तर पर विशेष जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी लवलीन बड़िंग और जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रदीप सिंह गिल के मार्गदर्शन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ‘नशा मुक्त मित्र’ के रूप में सक्रिय करते हुए लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
इस अभियान के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों से सीधे संपर्क कर नशे के शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी जा रही है। लोगों को समझाया जा रहा है कि नशे की आदत व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करने के साथ-साथ पारिवारिक माहौल और सामाजिक जीवन पर भी गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालती है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा माता-पिता और समाज के अन्य सदस्यों को बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही युवाओं को शिक्षा, खेल और अन्य स्वस्थ एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है।
जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को नशा मुक्त भारत अभियान की टोल-फ्री हेल्पलाइन 14446 के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा अभियान के लोगो, स्टिकर और अन्य जागरूकता सामग्री के माध्यम से लोगों तक नशे के खिलाफ मजबूत संदेश पहुंचाया जा रहा है।
नशा मुक्त भारत अभियान को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गांव स्तर पर जागरूकता और जनसंपर्क गतिविधियों के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यमों का भी उपयोग किया जा रहा है। इस दौरान लोगों को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों, दोस्तों और आसपास के लोगों को भी नशे के खतरों के बारे में जागरूक करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रदीप सिंह गिल ने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता पैदा करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का गांव स्तर पर परिवारों के साथ करीबी संपर्क होता है, जिसके कारण वे नशा मुक्त भारत अभियान का संदेश घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी से ही नशा मुक्त और स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही जागरूकता गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास लोगों को नशे के खतरों के प्रति सचेत करने के साथ-साथ नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों को और मजबूत कर रहे हैं।






