डबवाली,10 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों द्वारा निजीकरण के विरोध में की जा रही राज्यव्यापी हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। घर-घर से कूड़ा उठाने का काम बंद होने के कारण विभिन्न स्थानों पर कूड़े के ढेर जमा हो गए हैं। कर्मचारियों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए कूड़ा उठाने वाले वाहनों की निगरानी शुरू कर दी है और हड़ताल को 11 अगस्त तक बढ़ा दिया है।
इसी कड़ी में बीती रात रामलीला मैदान के पास जमा कूड़ा उठाने के लिए नगर परिषद प्रशासन और ठेकेदार की ओर से जेसीबी तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली भेजी गई। मौके पर मौजूद हड़ताली कर्मचारियों ने वाहनों का विरोध करते हुए उन्हें कूड़ा उठाने से रोक दिया। विरोध के बाद दोनों वाहन बिना कूड़ा उठाए ही वापस लौट गए।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
नगर परिषद कार्यालय परिसर में सफाई कर्मचारियों ने टेंट लगाकर धरना दिया हुआ है। सफाई कर्मचारी यूनियन डबवाली के नेता सूरज कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने और सफाई व्यवस्था के निजीकरण को रोकने सहित अन्य मांगों पर आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर सरकार कोई ठोस फैसला नहीं करती, तब तक कूड़ा उठाने वाले वाहनों को बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
वाहनों को रोकने पर पुलिस भी पहुंची मौके पर
इससे पहले रविवार को भी कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय परिसर में खड़े सफाई वाहनों को बाहर नहीं निकलने दिया था। मामले की जानकारी मिलने पर गोल बाजार पुलिस चौकी प्रभारी सत्यनारायण पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की। कर्मचारियों ने पुलिस को भरोसा दिलाया कि उनका आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से ही जारी रहेगा।
बारिश के बाद बढ़ी लोगों की परेशानी
पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के कारण सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर पड़ा कूड़ा गीला होकर सड़ने लगा है। इससे दुर्गंध फैलने के साथ-साथ मच्छरों और मक्खियों की संख्या भी बढ़ रही है। लंबे समय से कूड़ा नहीं उठाए जाने के कारण स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और बीमारियां फैलने की आशंका सताने लगी है।
शहरवासियों का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान निकालना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन इसके साथ ही शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी बाधित नहीं होनी चाहिए। लोगों ने सरकार से कर्मचारियों के साथ बातचीत कर जल्द समाधान निकालने और शहर में सफाई व्यवस्था बहाल करवाने की मांग की है।






