10 अगस्त,2026 (संजीव सिंगला) हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान समय की मांग के अनुसार विज्ञान, कंप्यूटर और रोबोटिक्स की आधुनिक प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों के लिए प्रयोग, अनुसंधान और नवाचार के नए द्वार खोलेंगी। इसके साथ ही तकनीक से सुसज्जित कक्षाएं सीखने की प्रक्रिया को युवाओं के लिए रोचक बनाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी रविवार को हिसार स्थित ओ.पी. जिंदल मॉडर्न स्कूल में नई शैक्षणिक सुविधाओं के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने स्कूल परिसर में ‘उत्कर्ष’ प्रशासनिक ब्लॉक, ‘उदय’ एस.ई.एन. विंग, ‘उद्गम’ स्विमिंग पूल और ‘उत्सव’ ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह पूर्व मंत्री, महान उद्योगपति, समाजसेवी और राष्ट्र निर्माता स्वर्गीय श्री ओ.पी. जिंदल की 96वीं जयंती के कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है। मैं उस महान व्यक्तित्व को श्रद्धापूर्वक नमन और वंदन करता हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्कूल में उपलब्ध आधुनिक सुविधाएं नई पीढ़ी को वर्तमान युग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में लाभकारी साबित होंगी। इस नई शुरुआत के लिए विद्यार्थी, प्रबंधन समिति और शिक्षक बधाई के पात्र हैं। वर्ष 1997 में शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले इस स्कूल का नाम ओ.पी. जिंदल मॉडर्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल रखा गया था। इसमें आधुनिक तरीके, तकनीक और आधुनिक सोच के साथ आधुनिक नागरिक तैयार किए जाते हैं। इसलिए श्री ओ.पी. जिंदल के सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लें, यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्कूल में स्थापित इनोवेशन हब विशेष रूप से सराहनीय पहल है। हर बच्चे के भीतर कोई न कोई अनूठी क्षमता, कल्पना और विचार छिपा होता है। उसे ऐसे वातावरण की आवश्यकता होती है, जहां वह अपने विचार व्यक्त कर सके, उन्हें मॉडल और प्रोजेक्ट में बदल सके तथा साथियों और शिक्षकों के साथ समस्याओं का समाधान खोज सके। यह केंद्र विद्यार्थियों की सोच, टीम वर्क, नेतृत्व और समस्या समाधान जैसी क्षमताओं को मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे शिक्षण संस्थान नई पीढ़ी को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही, नई शिक्षा नीति को व्यावहारिक रूप से लागू करने और विकसित भारत-विकसित हरियाणा के निर्माण में भी इनका बड़ा योगदान होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप नई शिक्षा नीति में युवाओं को ऐसी शिक्षा मिलेगी, जो उन्हें चरित्रवान, रोजगारपरक और कुशल बनाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नए भारत के निर्माण के मूल मंत्र के अनुसार सरकार कार्य कर रही है। उनके इसी विजन को साकार करने के लिए युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और कौशल विकास के लिए अनेक प्रयास किए गए हैं। ये प्रयास पूरे प्रदेश में जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां इनोवेशन हब खोले गए हैं, वहीं से नए स्टार्ट-अप भी जन्म लें और युवा पीढ़ी का बेहतर भविष्य विकसित हो। सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थी रोजगार लेने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें।
हरियाणा में ए.आई. मिशन की स्थापना नई पहल
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में युवा आगे बढ़े हैं। अब तक 10 हजार से अधिक युवाओं ने स्टार्ट-अप अपनाकर लाभ लिया है। सरकार ने हरियाणा ए.आई. मिशन की स्थापना करके एक और नई पहल की है। इस ए.आई. मिशन के माध्यम से गुरुग्राम और पंचकूला में ए.आई. हब स्थापित किए जाएंगे। सरकार प्रदेश में विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके लिए कुछ ठोस निर्णय लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है, स्मार्ट क्लासरूम, टैबलेट वितरण और ई-लर्निंग को प्रोत्साहित किया गया है। हर ब्लॉक में उत्कृष्ट मॉडल स्कूलों की स्थापना, बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और डिजिटल कौशल की शिक्षा, कौशल विकास कार्यक्रमों को स्कूल स्तर से जोड़ने तथा उच्च शिक्षा में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य के सभी जिलों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की गई हैं। 55 हजार से अधिक स्कूलों को वाई-फाई से जोड़ा गया है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 10वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को 5 लाख टैबलेट, लगभग 40 हजार कक्षाओं में डिजिटल बोर्ड और 1,201 आई.सी.टी. लैब स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रदेश में 13 सरकारी मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय थे, जो अब बढ़कर 218 हो गए हैं। सरकार ने पिछले साढ़े 11 वर्षों में प्रदेश में 1,420 प्राथमिक सरकारी मॉडल संस्कृति स्कूल खोले हैं।
मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल खोलने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर 10 किलोमीटर के दायरे में एक मॉडल संस्कृति स्कूल खोलने की घोषणा के पालन में अब तक 25 सरकारी मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल खोले जा चुके हैं। सरकार द्वारा हरियाणा के लिए कुल 250 पीएम श्री स्कूल शुरू किए जा चुके हैं। उच्चतर शिक्षा की आत्मा शोध और अनुसंधान कार्य में निहित है। इसके लिए चालू वित्त वर्ष में 20 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी केवल प्रदेश में ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। सुपर-100 कार्यक्रम ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों—आई.आई.टी., आई.आई.एम., एन.आई.टी. और अन्य नामी संस्थानों में प्रवेश दिलाया है। इसकी सफलता को देखते हुए इस वर्ष सुपर-100 की सीटें 400 से बढ़ाकर 500 कर दी गई हैं। इसके अलावा बुनियाद कार्यक्रम का भी विस्तार किया गया है, ताकि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।
कॉमनवेल्थ खेलों में 7 में से 5 स्वर्ण पदक प्रदेश की बेटियों ने जीते
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति की बदौलत कॉमनवेल्थ खेलों में देश को 39 पदकों में से 13 स्वर्ण पदक मिले हैं, जिनमें से 7 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते हैं। इनमें से प्रदेश की 5 बेटियों ने स्वर्ण पदक जीतने का गौरव हासिल किया है। उन्होंने कहा कि सरकार हर क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है। आयुष्मान चिरायु योजना के तहत प्रत्येक जिला स्तर के अस्पताल में आधुनिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने के लिए हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति को छत उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने 12 वर्षों में 1 लाख 60 हजार मकान बनाकर दिए हैं। शहरी क्षेत्रों में 5,500 लोगों को 30 वर्ग गज के प्लॉट उपलब्ध करवाए गए हैं। इन प्लॉटों को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर पक्के मकान बनाए जा रहे हैं।
इस अवसर पर लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा, सांसद श्री नवीन जिंदल, जिंदल ग्रुप की चेयरपर्सन एवं विधायक श्रीमती सावित्री जिंदल, विधायक श्री रणधीर पनिहार, श्री विनोद भयाना, ओ.पी. जिंदल चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारी, प्रिंसिपल सुश्री नंदिता साहू, शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित थे।






