Wednesday, August 26, 2026
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मुख्यमंत्री ने स्वयं 5 किलोमीटर दौड़ लगाकर युवाओं का उत्साह बढ़ाया।

10 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): नारनौल के नूनी शेखपुरा मोड़ पर रविवार को तिरंगा हाथों में लेकर यूथ मैराथन और तिरंगा यात्रा में शामिल हुए रिकॉर्ड जनसैलाब को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नशामुक्ति का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्वयं 5 किलोमीटर दौड़ में शामिल होकर युवाओं का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, सांसद धर्मबीर सिंह, नारनौल विधायक ओमप्रकाश यादव, महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह यादव, जिला अध्यक्ष जितेंद्र राव, यूथ मैराथन की ब्रांड एंबेसडर एवं कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडल विजेता शर्मिला धनखड़, पंकज नैन आई.पी.एस. तथा उपायुक्त अनुपमा अंजली भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जब किसी प्रदेश के युवा सुबह-सुबह हाथ में तिरंगा लेकर दौड़ने निकल पड़ते हैं, तो समझ लीजिए कि वह प्रदेश केवल विकास की ही नहीं, बल्कि जागरूकता, राष्ट्रभक्ति और उज्ज्वल भविष्य की दौड़ भी जीतने वाला है। यदि कोई मुझसे पूछे कि विकसित भारत की सबसे सुंदर तस्वीर कैसी होगी, तो मैं कहूंगा—हाथ में तिरंगा, जीवन में खेल और मन में नशामुक्त भारत का संकल्प।

उन्होंने कहा कि यह मैराथन केवल कुछ किलोमीटर की दौड़ नहीं है। यह स्वस्थ जीवन का संकल्प है। यह नशे के अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ने का संकल्प है। आज नारनौल की धरती से यह संदेश पूरे हरियाणा में जाना चाहिए कि नशा जीवन को बर्बाद करता है, जबकि खेल जीवन को संवारते हैं। 26 जुलाई को यमुनानगर से जन-जागरण की जो मशाल जली थी, आज नारनौल की धरती पर वह और अधिक प्रज्वलित दिखाई दे रही है। युवाओं का यह उत्साह बताता है कि हरियाणा नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह आयोजन ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का भी गवाह है। वर्ष 2022 में आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान शुरू हुआ यह अभियान आज देश का जन-अभियान बन चुका है। इस वर्ष यह अभियान ‘वंदे मातरम्’ के 150 गौरवशाली वर्षों को समर्पित है। वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की आवाज है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान करोड़ों देशवासियों में राष्ट्रभक्ति की नई चेतना जगाई।

आज हमारी जिम्मेदारी है कि हम नई पीढ़ी को उन बलिदानों से परिचित करवाएं, जिनकी बदौलत हमें यह आजादी मिली। हमने संकल्प लिया है कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को हरियाणा के गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। सरकारी विभाग, शिक्षण संस्थान, सामाजिक संगठन और नागरिक समाज मिलकर इसे जन-अभियान बनाएंगे।

तिरंगा यात्राएं, साइकिल यात्राएं और अन्य कार्यक्रम स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों की स्मृति से जुड़े स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवा केवल हाथ में तिरंगा न लें, बल्कि उसके पीछे हुए बलिदानों को भी समझें। मुझे विश्वास है कि हमारी माताएं-बहनें, स्वयं सहायता समूह, युवा, किसान, खिलाड़ी और विद्यार्थी इस अभियान को घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

तिरंगे के प्रति उत्साह के साथ-साथ उसकी गरिमा का पालन करना भी हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। अभियान के बाद तिरंगे को सम्मानपूर्वक उतारकर सुरक्षित रखें। तिरंगे का सम्मान केवल नियमों का पालन नहीं है, बल्कि यह उन वीर शहीदों के प्रति हमारी श्रद्धांजलि है, जिन्होंने इसकी आन-बान-शान के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। तिरंगा हमें कर्तव्य सिखाता है और खेल हमें अनुशासन सिखाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के एक करोड़ से अधिक युवाओं को संबोधित करते हुए ‘नशामुक्त युवा विकसित भारत संकल्प’ अभियान की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि आज का युवा भारत की अमृत पीढ़ी है, जिस पर वर्ष 2047 तक देश को विकसित बनाने की जिम्मेदारी है और इसके लिए नशों से पूरी तरह दूर रहना जरूरी है।

प्रधानमंत्री जी ने बिल्कुल सही कहा है कि नशा कुछ पलों का हाई जरूर देता है, लेकिन पूरे जीवन को लो कर देता है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए हमने ‘हरियाणा उदय’ के माध्यम से ‘नशामुक्त हरियाणा’ का संदेश घर-घर तक पहुंचाया है। मैराथन, साइक्लोथॉन, राहगीरी और अनेक जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों युवाओं और नागरिकों को इस जन-अभियान से जोड़ा गया है।

अब तक 2,483 कार्यक्रमों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 17 लाख से अधिक लोगों ने सक्रिय भागीदारी की है। प्रदेश में 160 नशामुक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों और सिविल अस्पतालों में भी उपचार की व्यवस्था की गई है। अब तक 7,523 लोगों की पहचान कर उनका उपचार करवाया गया है, ताकि वे सम्मान के साथ सामान्य जीवन में लौट सकें। नशा तस्करों के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स, एंटी नारकोटिक्स सेल और हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के माध्यम से लगातार कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार अकेले नहीं जीत सकती। इसमें परिवार, स्कूल, पंचायत, खेल संस्थाओं और समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। यदि समय रहते हम किसी भटके हुए युवा का हाथ पकड़ लें, तो हम केवल एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को बचा सकते हैं। मैराथन हमें सिखाती है कि लक्ष्य प्राप्त होने तक रुकना नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नारनौल की इस धरती से हम पांच संकल्प लें—नशों से दूर रहेंगे, दूसरों को भी बचाएंगे, प्रतिदिन खेल या योग करेंगे, तिरंगे की गरिमा का पालन करेंगे और राष्ट्र निर्माण के हर अभियान में सक्रिय भागीदार बनेंगे।

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने 10 किलोमीटर मैराथन के महिला वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली भारती को एक लाख रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली सोनिका को 50 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली नीता रानी को 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया।

इसी प्रकार 10 किलोमीटर पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले मोहित, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले गौरव और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले शुभम को पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने 5 किलोमीटर मैराथन पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान पर रहे केशव, दूसरे स्थान पर रहे अमित और तीसरे स्थान पर रहे साहिल को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इसी प्रकार 5 किलोमीटर मैराथन महिला वर्ग में प्रथम स्थान पर रहीं कोमल, दूसरे स्थान पर रहीं आरती और तीसरे स्थान पर रहीं जागृति को भी स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर पूर्व डिप्टी स्पीकर संतोष यादव, पूर्व विधायक डॉ. अभय सिंह यादव, पूर्व विधायक सीताराम यादव, क्रिकेट खिलाड़ी जोगेंद्र शर्मा, पुलिस कमिश्नर/एस.पी. दीपक कुमार, पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा सहित कई गणमान्य नागरिक और अधिकारी उपस्थित थे।

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