सुनाम/लौंगोवाल, 11 अगस्त,2026 (राजेश कुमार): पंजाब के कैबिनेट मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने सुनाम विधानसभा क्षेत्र में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र को और बढ़ावा देने के लिए एक विशेष पहल के तहत हलके के 129 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 19,886 विद्यार्थियों को स्कूल बैग उपलब्ध करवाने की शुरुआत की। इस पहल के तहत कक्षा 6वीं से 12वीं तक की 5,710 छात्राओं को स्कूल बैग वितरित किए गए। इस अवसर पर श्री अरोड़ा की धर्मपत्नी श्रीमती सबीना अरोड़ा भी उनके साथ मौजूद रहीं। श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि यह पहल उनके परिवार द्वारा ‘बाबू भगवान दास अरोड़ा फाउंडेशन’ के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में विधानसभा क्षेत्र के बाकी सभी विद्यार्थियों को भी स्कूल बैग उपलब्ध करवाए जाएंगे।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा से संबंधित बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ उनमें पढ़ाई के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास पैदा करना है। श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि विद्यार्थियों को पढ़ाई में और अधिक मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सुनाम विधानसभा क्षेत्र के उन मेधावी विद्यार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया है, जिन्होंने नीट और जे.ई.ई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 13 विद्यार्थियों ने नीट/जे.ई.ई में सफलता हासिल की है, जिनमें 8 छात्राएं शामिल हैं। इसके अलावा अपनी-अपनी कक्षाओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी प्रमाण पत्र और पदक देकर सम्मानित किया गया। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब की बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार शानदार उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल, नॉन-मेडिकल, डिफेंस और सिविल सर्विसेज सहित विभिन्न क्षेत्रों में लड़कियों ने अपनी प्रतिभा साबित की है। उन्होंने कहा कि बेटियों की उपलब्धियां पूरे समाज के लिए गर्व की बात हैं और उन्हें समान अवसर प्रदान करना समय की जरूरत है।
इस अवसर पर मीडिया द्वारा निजी स्कूलों की ओर से फीस में की जाने वाली बढ़ोतरी के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में श्री अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार ने अभिभावकों को मनमानी फीस वसूली से राहत दिलाने के लिए कानूनी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार कोई भी निजी स्कूल 5 प्रतिशत से अधिक फीस में बढ़ोतरी नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्कूल द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक फीस वसूली जाती है तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और अतिरिक्त वसूली गई राशि वापस करवाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शिक्षा के व्यावसायीकरण को रोकना और अभिभावकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ने से बचाना है। कैबिनेट मंत्री ने पंजाब सरकार द्वारा कच्चे और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित/सुरक्षित करने के संबंध में उठाए गए कदम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 28,000 से अधिक कच्चे/कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की सेवाओं से संबंधित लिया गया फैसला सरकार की कर्मचारी-हितैषी नीति को दर्शाता है।
श्री अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार किए जा रहे हैं और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं के साथ उनकी उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है। आज पंजाब के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, जो हमारे लिए गर्व की बात है।”
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर प्रदान करके उसके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करना है। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर श्रीमती पूनमदीप कौर, जिला पुलिस प्रमुख डॉ. रवजोत ग्रेवाल, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा की धर्मपत्नी श्रीमती सबीना अरोड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती तरविंदर कौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति, बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और नगर निवासी उपस्थित थे।






