15 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना और अपने परिवार के पात्र सदस्यों का नाम अवश्य जांच लें। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, तो आवश्यक दस्तावेजों और घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जुड़वाने के लिए दावा प्रस्तुत किया जा सकता है। अब तक 25,315 फॉर्म-6 प्राप्त हुए हैं।
इसी प्रकार मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो या अन्य विवरणों में संशोधन के लिए आवश्यक दस्तावेजों और घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-8 भरा जा सकता है। अब तक 27,426 फॉर्म-8 प्राप्त हुए हैं। वहीं, किसी अपात्र, मृतक, स्थानांतरित या किसी अन्य स्थान पर पहले से दर्ज मतदाता का नाम हटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज की जा सकती है। अब तक 1,078 फॉर्म-7 प्राप्त हुए हैं।
SIR-2026 के तहत प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 31 जुलाई को किया जा चुका है। प्रारंभिक मतदाता सूची में नाम की जांच करने तथा किसी भी प्रकार की गलती या दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए अंतिम तिथि 30 अगस्त निर्धारित की गई है।
44.88 लाख मामलों में से 19.35 लाख नोटिस जारी
मतदाता सूची की सत्यापन और जांच प्रक्रिया के दौरान पिछली मतदाता सूची से मैपिंग नहीं होने वाले यानी नो मैपिंग/अनमैप्ड मामलों में कुल 18,56,138 मतदाता तथा विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं वाले 26,31,312 मतदाता सामने आए हैं। इन मामलों की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच की जा रही है।
इन मामलों में संबंधित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज व साक्ष्य प्रस्तुत करने का उचित अवसर देने के लिए सुनवाई नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कुल 44,88,795 संबंधित मतदाताओं में से 14 अगस्त 2026 तक 19,35,126 नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
अनमैप्ड मामलों में उपलब्ध दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं मतदाता
विशेष रूप से नो मैपिंग/अनमैप्ड मामलों में संबंधित मतदाता अपने, अपने परिवार, माता-पिता या संबंधित पुराने रिकॉर्ड से जुड़े उपलब्ध दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर संबंधित अधिकारी उपलब्ध रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगे और नियमों के अनुसार मामले पर निर्णय लिया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा ने स्पष्ट किया है कि सुनवाई नोटिस प्राप्त होना मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाने का अंतिम निर्णय नहीं है। यह सत्यापन और सुनवाई प्रक्रिया का एक हिस्सा है, जिसमें संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाता है।
ई.आर.ओ. /ए.ई.आर.ओ. कार्यालय या ऑनलाइन दर्ज कराएं दावे-आपत्तियां
दावे और आपत्तियां संबंधित ई.आर.ओ. /ए.ई.आर.ओ. कार्यालय में जमा कराई जा सकती हैं। नागरिक के माध्यम से भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपने नाम और विवरणों की जांच करें। यदि उन्हें सुनवाई नोटिस प्राप्त होता है, तो उसे गंभीरता से लेते हुए निर्धारित तिथि पर उपस्थित हों और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर प्रक्रिया में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं के हितों की रक्षा करते हुए मतदाता सूची को सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए नागरिक अपने बी. एल.ओ./ ई.आर.ओ. /ए.ई.आर.ओ. कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा ECINET App पर ‘बुक ए कॉल’ सुविधा या वोटर हेल्पलाइन 1950 के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।