15 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा प्रदेश ‘टीबी मुक्त भारत’ के संकल्प को मजबूत कर रहा है। टीबी उन्मूलन के प्रयासों को गति देने के लिए प्रदेश के सांसद और विधायक भी इस अभियान से जुड़ गए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश को ‘टी.बी मुक्त’ बनाने और टीबी के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया है। इस दिशा में टीबी उन्मूलन के प्रयासों को घर-घर तक पहुंचाने के लिए समुदाय आधारित और समन्वित दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
आरती सिंह राव ने बताया कि टीबी के गंभीर जनस्वास्थ्य प्रभाव और इसके उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर लगातार एवं समन्वित प्रयासों की आवश्यकता को देखते हुए, हरियाणा के प्रत्येक जिले से सांसदों और विधायकों को ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के जिला स्तरीय चेयरपर्सन के रूप में अभियान से जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का समाज के साथ सीधा और व्यापक जुड़ाव होता है। ऐसे में जिला स्तरीय चेयरपर्सन के रूप में उनकी भूमिका टीबी के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, समुदाय को सक्रिय रूप से अभियान से जोड़ने, समय पर जांच और उपचार के लिए लोगों को प्रेरित करने, टीबी से जुड़े सामाजिक भ्रम और कलंक को दूर करने तथा जिले में टीबी उन्मूलन से संबंधित गतिविधियों के प्रभावी समन्वय में महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय संस्थाओं, सामुदायिक संगठनों और आम लोगों को एक साझा मंच पर लाकर टीबी उन्मूलन के प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाना और इसे जन आंदोलन का रूप देना है। जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से टीबी की रोकथाम, समय पर पहचान और उपचार पूरा करने का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हरियाणा ने राष्ट्रीय टीबी रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत टीबी की पहचान, जांच और उपचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। प्रदेश में बेहतर केस डिटेक्शन, मजबूत जांच सुविधाओं, प्रभावी उपचार परिणामों और बढ़ती सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से टीबी उन्मूलन के प्रयासों को लगातार गति दी जा रही है। हालांकि, टीबी का पूर्ण उन्मूलन तभी संभव है, जब समाज के हर स्तर पर साझा जिम्मेदारी और सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित हो।
उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय चेयरपर्सन अपने-अपने जिलों में अभियान को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने और टीबी के खिलाफ एक मजबूत सामुदायिक आंदोलन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस स्वतंत्रता दिवस पर हरियाणा ने यह संकल्प दोहराया है कि बीमारी से मुक्ति भी स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन की स्वतंत्रता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने लोगों से अपील की, “आइए, टीबी मुक्त हरियाणा के लिए एकजुट हों, ताकि प्रदेश स्वस्थ बन सके।”
सांसदों और विधायकों को जिलावार सौंपी गई जिम्मेदारी
टीबी उन्मूलन के प्रयासों को नई दिशा देने के लिए ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत जिलावार अध्यक्षों की सूची जारी की गई है। अभियान की कमान प्रदेश के जनप्रतिनिधियों, सांसदों और विधायकों को सौंपी गई है, ताकि वे अपने-अपने जिलों में स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित कर सकें।
जारी सूची के अनुसार:
- अंबाला: सांसद रेखा शर्मा और नारायणगढ़ की विधायक शैली चौधरी।
- भिवानी: भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ और बवानी खेड़ा के विधायक कपूर सिंह।
- चरखी दादरी: दादरी के विधायक सुनील सतपाल सांगवान और बाढड़ा के विधायक उमेद सिंह।
- फरीदाबाद: बल्लभगढ़ के विधायक मूलचंद शर्मा, फरीदाबाद NIT के विधायक सतीश कुमार फागना और बड़खल के विधायक धनेश अदलखा।
- फतेहाबाद: सांसद कार्तिकेय शर्मा और रतिया के विधायक जरनैल सिंह।
- गुरुग्राम: सोहना के विधायक तेजपाल तंवर, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी और गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा।
- हांसी: विधायक विनोद भयाना।
- हिसार: विधायक सावित्री जिंदल और नलवा के विधायक रणधीर सिंह पनिहार।
- झज्जर: बहादुरगढ़ के विधायक राजेश जून।
- जींद: विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री और विधायक राम कुमार गौतम।
- कैथल: पुंडरी के विधायक सतपाल जांबा।
- करनाल: इंद्री के विधायक राम कुमार कश्यप, करनाल के विधायक जगमोहन आनंद, असंध के विधायक योगिंदर सिंह राणा और नीलोखेड़ी के विधायक भगवान दास।
- कुरुक्षेत्र: सांसद नवीन जिंदल।
- महेंद्रगढ़: नारनौल के विधायक ओम प्रकाश यादव और महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह।
- नूंह: सांसद संजय भाटिया और विधायक मोहम्मद इलियास।
- पलवल: होडल के विधायक हरिंदर सिंह और विधायक मोहम्मद इसराइल।
- पंचकूला: कालका की विधायक शक्ति रानी शर्मा।
- पानीपत: पानीपत के विधायक प्रमोद कुमार विज और समालखा के विधायक मनमोहन भड़ाना।
- रेवाड़ी: रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, कोसली के विधायक अनिल यादव और बावल के विधायक डॉ. कृष्ण कुमार।
- रोहतक: सांसद धर्मवीर सिंह।
- सिरसा: सांसद सुभाष बराला।
- सोनीपत: राई की विधायक कृष्णा गहलावत, खरखौदा के विधायक पवन खरखौदा, गन्नौर के विधायक देवेंद्र कादियान और सोनीपत के विधायक निखिल मदान।
- यमुनानगर: यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और साढौरा की विधायक रेनू बाला।
इस पहल से प्रदेश के सभी 23 जिलों और पुलिस/प्रशासकीय क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन अभियानों की गति तेज होने और जनप्रतिनिधियों के सीधे जुड़ाव से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद है।






