15 अगस्त,2026 (प्रभजोत सिंह): बच्चों के खान-पान को लेकर माता-पिता अक्सर चिंतित रहते हैं। छह महीने की उम्र के बाद बच्चे को धीरे-धीरे ठोस आहार देना शुरू किया जा सकता है। इसी दौरान चीकू को भी बच्चे की डाइट में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, इसे बच्चे को देने से पहले उसकी उम्र और आहार संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।
छोटे बच्चों को चीकू खिलाते समय उसका छिलका और बीज पूरी तरह निकालकर गूदे को अच्छी तरह मैश करके देना चाहिए।
फायदे
पाचन के लिए उपयोगी: चीकू में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद कर सकता है और कब्ज जैसी समस्या से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है।
ऊर्जा और पोषण: चीकू में कई पोषक तत्व होते हैं, जो बच्चों को ऊर्जा देने में मदद कर सकते हैं।
विटामिन से भरपूर: इसमें विटामिन ए, सी और बी6 सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बच्चे के सामान्य विकास और शरीर की कार्यप्रणाली के लिए उपयोगी होते हैं।
इम्यूनिटी को सपोर्ट: चीकू में मौजूद पोषक तत्व शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सामान्य रूप से मजबूत बनाए रखने में योगदान दे सकते हैं।
आयरन का स्रोत: चीकू में कुछ मात्रा में आयरन भी पाया जाता है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए जरूरी पोषक तत्व है।
कैसे खिलाएं चीकू?
छह महीने या उससे अधिक उम्र के बच्चे को चीकू देते समय इसे अच्छी तरह धोकर छिलका और बीज निकालें और गूदे को मैश करके थोड़ी मात्रा में दें। पहली बार खिलाते समय बच्चे की प्रतिक्रिया पर नजर रखें। चीकू किसी बीमारी का इलाज नहीं है। बच्चे के आहार में नया खाद्य पदार्थ शामिल करने को लेकर विशेष चिंता हो या बच्चे को कोई स्वास्थ्य समस्या हो, तो बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।






