हरियाणा, 18 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार हरियाणा को देश का प्रमुख विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रही है। मुख्यमंत्री सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट की उच्च निगरानी प्राधिकरण की तीसरी बैठक में शामिल हुए। बैठक में औद्योगिक और विनिर्माण परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने की। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल तथा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक से जुड़े।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में हरियाणा के नांगल चौधरी स्थित इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब और हिसार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर सहित प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में भूमि मंजूरी, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और सरकार का लक्ष्य इन्हें जल्द से जल्द धरातल पर उतारना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना के तहत हरियाणा के अंबाला में 108 एकड़ भूमि पर एक औद्योगिक पार्क विकसित करने का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा गया है।
मुख्यमंत्री जी ने बताया कि नांगल चौधरी में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब के प्रथम चरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। जल्द ही भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी कर फेज-1 का काम आगे बढ़ाया जाएगा, जिसके बाद दूसरे चरण का काम भी शुरू किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त को वह स्वयं मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब का दौरा करेंगे और रेल सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। सीडब्ल्यूसी आईएमएलएच के रेल यार्ड का संचालन करेगा। इसके साथ ही अन्य कार्यों को भी गति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने हिसार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि फेज-1 के बुनियादी ढांचे के लिए लगभग 707 करोड़ रुपये की ईपीसी परियोजना के लिए बोलियां प्राप्त हो चुकी हैं और उनका मूल्यांकन किया जा रहा है। ईपीसी एजेंसी की नियुक्ति जल्द की जाएगी। इसके साथ ही मास्टर प्लान को अधिसूचित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है और इसे 31 दिसंबर 2026 तक अधिसूचित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि फेज-1 में नहर डायवर्जन के निर्माण कार्य का आवंटन किया जा चुका है। वहीं, ढंढूर जंक्शन पर प्रस्तावित डबल लूप इंटरचेंज का कार्य एनएचएआई द्वारा ईपीसी मोड पर आवंटित किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए ईपीसी एजेंसी की नियुक्ति, मास्टर प्लान की अधिसूचना और बाहरी संपर्क मार्गों से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। इसके अलावा, हरियाणा में प्रस्तावित अन्य इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टरों के लिए भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 10 आईएमटी के लिए भी भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार के बीच बेहतर तालमेल के साथ काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश में बड़े स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और हरियाणा की देश के प्रमुख विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में पहचान और मजबूत होगी। बैठक में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने भी इन परियोजनाओं को लेकर अपने सुझाव दिए।
इस दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, नागरिक उड्डयन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल भी मौजूद रहे।






