हरियाणा, 18 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान शिकायतकर्ताओं द्वारा विजिलेंस ट्रैप के लिए रिश्वत के रूप में दी गई रकम की वापसी सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो रिवॉल्विंग फंड का गठन किया है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस फंड का संचालन महानिदेशक, राज्य चौकसी एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा द्वारा किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ट्रैप कार्रवाई के दौरान पैसे देने वाले शिकायतकर्ता को जांच पूरी होने तक आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस व्यवस्था के तहत भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले नागरिकों को ट्रैप कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराई गई रकम की प्रतिपूर्ति के लिए एक औपचारिक प्रक्रिया निर्धारित की गई है। संबंधित जांच अधिकारी प्रतिपूर्ति संबंधी प्रस्ताव को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित रेंज प्रभारी—पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), डीआईजी या पुलिस अधीक्षक के माध्यम से भेजेंगे।
प्रतिपूर्ति के संबंध में अंतिम निर्णय विजिलेंस मुख्यालय स्तर पर गठित समिति द्वारा मामले के गुण-दोष के आधार पर लिया जाएगा। राज्य चौकसी एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षक समिति के अध्यक्ष होंगे। इसके अलावा एक डीआईजी और जिला अटॉर्नी/उप जिला अटॉर्नी समिति के सदस्य होंगे।
समिति द्वारा प्रतिपूर्ति की मंजूरी दिए जाने के बाद शिकायतकर्ता को एक हलफनामा प्रस्तुत करना होगा, जिसमें वह यह अंडरटेकिंग देगा कि आपराधिक कार्रवाई पूरी होने के बाद अदालत द्वारा जारी की जाने वाली ट्रैप रकम को वह रिवॉल्विंग फंड में जमा कर देगा। यह अंडरटेकिंग देने के बाद स्वीकृत रकम शिकायतकर्ता के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी।
सरकार ने फंड के प्रभावी वित्तीय प्रबंधन के लिए आवश्यक नियंत्रण भी निर्धारित किए हैं। रिवॉल्विंग फंड की 70 प्रतिशत राशि उपयोग होने के बाद फंड में आवश्यक रकम फिर से उपलब्ध कराई जाएगी। फंड का लेखा-परीक्षण प्रधान महालेखाकार (लेखा-परीक्षा), हरियाणा द्वारा किया जाएगा।
सरकार की इस पहल से भ्रष्टाचार के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई में शिकायतकर्ताओं को अपनी रकम फंसने की चिंता कम होगी और विजिलेंस की कार्रवाई में नागरिकों का सहयोग एवं विश्वास और मजबूत होगा।






