फतेहगढ़ साहिब, 18 अगस्त,2026 (अनिल कुमार भारती): किसानों को डेयरी फार्मिंग की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी देने और डेयरी फार्मिंग को टिकाऊ आय के साधन के रूप में प्रोत्साहित करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र में “डेयरी पालन” संबंधी व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य कृषि अधिकारी-कम-परियोजना निदेशक (आत्मा) डॉ. जगदेव सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में 22 किसानों और युवाओं ने भाग लिया।
डॉ. जगदेव सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान पशुपालकों को पशुओं की विभिन्न नस्लों, प्रजनन प्रबंधन, पशुओं के लिए उचित बाड़े तथा विभिन्न बीमारियों और उनके संभावित उपचार के बारे में जागरूक किया गया। इसके अलावा उन्नत नस्ल की पहचान, दांतों के आधार पर पशु की आयु का अनुमान लगाने तथा टीकाकरण आदि के बारे में भी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर डॉ. हरमनजीत सिंह, डिप्टी परियोजना निदेशक ने किसानों को कृषि के साथ-साथ सहायक व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सहायक व्यवसाय अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। डॉ. जतिंदर सिंह, डिप्टी परियोजना निदेशक ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के तहत चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और किसानों को इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर मत्स्य पालन विभाग के विशेषज्ञों ने मछली पालन से संबंधित विभिन्न गतिविधियों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी, जिनके माध्यम से किसान अपनी आय के स्रोत बढ़ा सकते हैं। इसी प्रकार डेयरी विकास विभाग के विशेषज्ञों ने डेयरी किसानों के लिए उपलब्ध विभिन्न डेयरी विकास कार्यक्रमों, सरकारी योजनाओं, सुविधाओं और विभागीय सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों को एक प्रगतिशील डेयरी फार्म का दौरा भी करवाया गया।
इस अवसर पर डॉ. हरदीप सिंह सभिखी, डिप्टी डायरेक्टर (ट्रेनिंग), डॉ. जी.पी.एस. सेठी, सहायक प्रोफेसर, डॉ. मनीषा भाटिया, सहायक प्रोफेसर, गृह विज्ञान, डॉ. रीत वर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।






