हरियाणा, 20 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि प्रॉपर्टी आई.डी (पी.आई.डी.) को लेकर कोई भी समस्या मुख्यमंत्री कार्यालय में आती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इसलिए अधिकारी अपने स्तर पर इन समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी चंडीगढ़ में शहरी स्थानीय निकाय, नगर योजनाकार और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ पी.आई.डी. को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रीड के साथ शहरी स्थानीय निकायों की समन्वय बैठक आयोजित कर पी.आई.डी. से संबंधित समस्याओं का तेजी से समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को पूरे सिस्टम को भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 4,42,570 प्रॉपर्टीज की 2,79,658 PID स्वीकृत की जा चुकी हैं। बाकी प्रॉपर्टीज की आईडी का काम भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इसी प्रकार विभाजित की जाने वाली 63,878 पी.आई.डी. में से 36,545 पी.आई.डी. स्वीकृत की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि 50,50,072 प्रॉपर्टीज में से स्थानीय निकायों से संबंधित 19,403 आपत्तियां लंबित हैं। इनका भी जल्द से जल्द निपटारा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रॉपर्टी आईडी के बारे में विस्तृत जानकारी लेते हुए कहा कि वैध (कानूनी) कॉलोनियों की सीमा में यदि कोई प्लॉट खाली है तो उसे भी वैध मानते हुए एच.एस.वी.पी. की तर्ज पर एक्सटेंशन फीस लेकर कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसके अलावा यदि किसी प्लॉट या मकान में व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं तो विकास शुल्क आदि वसूल कर उसे भी मंजूरी दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन को कृषि, व्यावसायिक और आवासीय श्रेणियों में बांटकर मूल्यांकन किया जाए। इसी प्रकार निर्धारित मानदंड पूरे करने वाली सभी कॉलोनियों को वैध घोषित करने के लिए कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि फैमिली आईडी और प्रॉपर्टी आईडी के बीच होने वाले मिसमैच को दूर करने के लिए भी तत्काल कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 1 करोड़ 39 लाख प्रॉपर्टी आईडी में से 31 लाख प्रॉपर्टी आईडी का आधार कार्ड से मिलान किया जा चुका है। बाकी पी.आई.डी. का भी लगभग एक वर्ष में मिलान कर लिया जाएगा। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में पी.आई.डी. को लेकर आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए नई नीति के तहत समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बिल्डरों द्वारा बल्क में नई पी.आई.डी. जनरेट करने, व्यक्तिगत तथा पुरानी रजिस्ट्री पर व्यक्तिगत सब-आई.डी बनाने को लेकर भी विस्तार से चर्चा की और इनसे संबंधित समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, मुख्यमंत्री के ओएसडी बी.बी. भारती, उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल यादव, आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, निदेशक यु.एल.बी. मुकुल कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






