हरियाणा , 20 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के 650वें जन्मोत्सव के अवसर पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के पात्र परिवारों को लाभ प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को राज्य स्तर पर पात्र परिवारों का चयन करने के निर्देश दिए हैं।
श्री कृष्ण कुमार बेदी आज चंडीगढ़ में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव एवं निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग श्री अजय कुमार, सेवा विभाग के संयुक्त सचिव श्री जयप्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत अनुसूचित जाति के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले पात्र परिवारों को मकान के नवीनीकरण के लिए 80 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर पात्र परिवारों की पहचान और चयन की प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए, ताकि लाभार्थियों को योजना का लाभ जल्द मिल सके।
मंत्री ने कहा कि यह योजना अब सभी वर्गों के गरीब परिवारों के कल्याण के लिए भी लागू की गई है। 30 जून 2026 तक सभी वर्गों के 85,815 लाभार्थियों को 415.48 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों के लिए योजना को 25 सितंबर 2026 से फिर शुरू किया जाएगा।
श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्गों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना, अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना और मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना जैसी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने संत महापुरुष सम्मान प्रचार-प्रसार योजना के तहत संत-महापुरुषों के जन्मोत्सव सरकारी स्तर पर मनाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य संत-महापुरुषों की शिक्षाओं और विचारों को जन-जन तक पहुंचाना तथा उनके योगदान को सम्मान देना है।






