कुरुक्षेत्र 20 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की स्माइल (हाशिए पर मौजूद लोगों को आजीविका और उद्यम के लिए सहायता) स्कीम की बेगरी सब-स्कीम के तहत जिला कुरुक्षेत्र में भीख मांगने वाले लोगों की पहचान, सर्वे, बचाव, शेल्टर, मेडिकल मदद, शिक्षा/कौशल विकास और पुनर्वास का काम किया जाना है। इसके लिए अनुभवी और पंजीकृत संस्थानों/एजेंसियों/स्वैच्छिक संगठनों (एनजीओ/सीएसओ/ट्रस्ट/सोसायटी/से
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जो संस्थान इच्छुक है, वे अपने प्रपोजल एक सीलबंद लिफाफे में, जिस पर स्माइल स्कीम बेगरी सर्वे और रिहैबिलिटेशन वर्क के लिए प्रपोजल लिखा हो, खुद आकर या रजिस्टर्ड पोस्ट से एलएफए शाखा कमरा नंबर 224 प्रथम तल लघु सचिवालय कुरुक्षेत्र के पते पर 24 अगस्त से 11 सितंबर 2026 सायं 5 बजे जक जमा करवाना होगा। इस स्कीम के तहत चयनित की गई संस्था या एजेंसी को जिला के पहचाने गए हॉट-स्पॉट पर भीख मांगने वाले लोगों का डोर-टू-डोर/ऑन-साइट सर्वे और तय फॉर्मेट में डाटा एकत्रित करना होगा। इसके साथ-साथ बच्चों, महिलाओं, सीनियर सिटीजन और दिव्यांग लोगों की अलग-अलग पहचान करना और सेंसिटिव मामलों की तुरंत रिपोर्टिंग करना, रेस्क्यू ऑपरेशन और शेल्टर होम में ट्रांसफर में मदद करना, मेडिकल जांच, नशा छुड़ाने की काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए कोआर्डिनेशन, आधार, आयुष्मान, राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र इत्यादि दस्तावेजों के लिए सुविधा प्रदान करना, कौशल विकास/स्वरोजगार करने के इच्छुक लोगों की लिस्ट तैयार करना, फोटोग्राफ/जियो-टैगिंग के साथ डेली प्रोग्रेस रिपोर्ट और फाइनल रिपोर्ट जमा करना होगा।
उन्होंने कहा कि इसके लिए संस्थान को सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860/ट्रस्ट एक्ट/कंपनी एक्ट 2013 के सेक्शन 8 के तहत सही तरीके से रजिस्टर्ड होना चाहिए। इसके साथ-साथ संस्थान के पास सोशल वेलफेयर/रिहैबिलिटेशन/सर्वे के काम के फील्ड में कम से कम 3 साल का एक्सपीरियंस होना चाहिए, संस्थान का एनजीओ-दर्पण (नीति आयोग) पोर्टल पर पंजीकरण होना चाहिए और उसके पास एक वैलिड यूनिक आईडी होनी चाहिए,
संस्थान के पास वैलिड पैन नंबर, टैन नंबर, जीएसटी नंबर (अगर लागू हो) के साथ-साथ पिछले तीन सालों के ऑडिटेड अकाउंट्स और इनकम टैक्स रिटर्न होने चाहिए, संस्था को किसी भी सरकारी विभाग ने ब्लैकलिस्ट नहीं किया होना चाहिए, इस बारे में एक शपथ पत्र भी जरूरी है, संस्थान के पास जिला कुरुक्षेत्र में काम करने के लिए काफी अनुभवी मैनपावर होना चाहिए। लोकल कार्यालय/लोकल अनुभव वाले संस्थान को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि टेंडर भरने के इच्छुक संस्थान को अपने टेंडर के साथ संबंधित दस्तावेज लगाने होंगे, जिनमें रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, ऑर्गनाइजेशन का मेमोरेंडम/बाय-लॉज, एनआईटीआई आयोग दर्पण यूनिक आईडी, पैन/टैन नंबर, पिछले 3 सालों की एनुअल रिपोट्र्स और ऑडिट अकाउंट्स, अनुभव/काम पूरा होने का सर्टिफिकेट, कार्यालय स्टाफ की लिस्ट, बैंक अकाउंट डिटेल्स (कैंसल्ड चेक के साथ), नॉन-ब्लैकलिस्टिंग एफिडेविट और टेक्निकल और फाइनेंशियल प्रपोजल (रेट्स के साथ) आदि शामिल है, साथ संलग्न करना होगा।






