कुरुक्षेत्र, 21 अगस्त:2026: नगराधीश आशीष कुमार ने बताया कि जिले में अब तक आयोजित समाधान शिविरों में कुल 8,563 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 5,509 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों से संबंधित विस्तृत जानकारी पोर्टल पर समय पर अपडेट करें, ताकि शिकायतें दोबारा
ओपन न हों।
आशीष कुमार शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में समाधान शिविर, सीएम विंडो, एसएमजीटी, सीपीजीआरएएमएस और जनसंवाद से संबंधित शिकायतों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। बैठक से पहले शिक्षा विभाग, पशुपालन विभाग और खेल विभाग के प्रधान सचिव विजय दहिया ने भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
नगराधीश ने बताया कि सीएम विंडो से संबंधित 12,352 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 12,098 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। इनमें 144 शिकायतें ओवरड्यू हैं, जबकि 195 शिकायतें कार्रवाई के स्तर पर हैं।
उन्होंने बताया कि जनसंवाद के माध्यम से 560 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 104 शिकायतें ओवरड्यू हैं। अधिकारियों को सोशल मीडिया ग्रीवेंस से संबंधित 92 समस्याओं का जल्द समाधान करने और उनकी एटीआर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए। वहीं, सीपीजीआरएएमएस से संबंधित 34 शिकायतें लंबित हैं, जिनका समयबद्ध तरीके से निपटारा करने को कहा गया।
आशीष कुमार ने कहा कि जिन शिकायतों का समाधान संभव नहीं है, उन्हें जांच रिपोर्ट के साथ तुरंत रिजेक्ट किया जाए और पोर्टल पर सही जानकारी अपडेट की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों पर की गई कार्रवाई और रिमार्क स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाएं, क्योंकि अधिकारियों के अस्पष्ट रिमार्क के कारण कई शिकायतें पेंडिंग दिखाई दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि सोमवार और वीरवार को उपमंडल तथा जिला स्तर पर समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं जुड़कर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लोगों की शिकायतें सुनते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी इन शिकायतों की समीक्षा की जाती है।
नगराधीश ने अधिकारियों से कहा कि समाधान शिविरों में आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका निर्धारित समय में समाधान सुनिश्चित करें। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित एसडीएम ने भी भाग लिया और अपने-अपने क्षेत्रों की शिकायतों की विस्तृत जानकारी दी।






