हरियाणा, 24 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा को देश की खेल शक्ति के रूप में और अधिक मजबूत बनाने तथा प्रदेश के खिलाड़ियों को खेल विज्ञान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, बेहतर पोषण, मानसिक मजबूती, चोटों से बचाव, स्वच्छ खेल और सरकार की खेल योजनाओं एवं नीतियों की व्यापक जानकारी उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रदेश के खेल एवं युवा मामले मंत्री श्री गौरव गौतम एक ऐतिहासिक अभियान शुरू करने जा रहे हैं। ‘खेल पे चर्चा: खिलाड़ियों के संग’ नामक इस अनोखी पहल का औपचारिक शुभारंभ 24 अगस्त 2026 को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद से होगा।
इस अवसर पर प्रदेशभर के प्रमुख खिलाड़ी, कोच, शारीरिक शिक्षा शिक्षक, खेल विशेषज्ञ और खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एक मंच पर एकत्रित होंगे।
23 जिलों में पहुंचेगा अभियान, 50 हजार युवा खिलाड़ियों को जोड़ने का लक्ष्य
मंत्री ने बताया कि ‘खेल पे चर्चा’ अभियान को चरणबद्ध तरीके से हरियाणा के सभी 23 जिलों में आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक जिले में 1,500 से 2,000 खिलाड़ियों की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस तरह पूरे प्रदेश में लगभग 50,000 खिलाड़ियों तक सीधे पहुंचने की योजना है।
अभियान में विशेष रूप से हरियाणा की खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण ले रहे 12 से 18 वर्ष की आयु के उभरते खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के ओलंपियन, पैरालंपियन और राज्य खेल संघों के प्रतिनिधि भी इन सत्रों का हिस्सा बनेंगे, ताकि जमीनी स्तर की खेल प्रतिभाओं को सही समय पर वैज्ञानिक मार्गदर्शन मिल सके।
खेल विज्ञान, पोषण और मानसिक मजबूती पर विशेषज्ञों के सत्र
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों के लिए व्यावहारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें संतुलित आहार, हाइड्रेशन, रिकवरी, सप्लीमेंट्स का सही उपयोग और सैंपल मील प्लेट के माध्यम से व्यावहारिक पोषण प्रबंधन शामिल होगा।
इसके अलावा वार्म-अप, स्ट्रेंथ, मोबिलिटी, पावर डेवलपमेंट, डायनेमिक स्ट्रेचिंग और वैज्ञानिक प्रशिक्षण तकनीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दबाव से निपटने, लक्ष्य निर्धारण, आत्मविश्वास बढ़ाने, एकाग्रता और विजुअलाइजेशन की तकनीकों के बारे में भी बताया जाएगा।
चोटों से बचाव, प्राथमिक उपचार, कूल-डाउन, टेपिंग और रिहैबिलिटेशन प्रक्रियाओं की जानकारी भी खिलाड़ियों को दी जाएगी।
सरकारी योजनाओं की जानकारी और स्वच्छ खेल पर विशेष जोर
मंत्री ने बताया कि कई बार जानकारी के अभाव में खिलाड़ी सरकारी सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पाते। इस अभियान के माध्यम से खिलाड़ियों को राज्य सरकार की ‘आउटस्टैंडिंग स्पोर्ट्स पर्सन पॉलिसी’, कैश अवॉर्ड स्कीम, छात्रवृत्ति और खेल आरक्षण नीतियों की विस्तृत जानकारी सीधे विभागीय अधिकारियों द्वारा दी जाएगी।
इसके अलावा ‘क्लीन स्पोर्ट्स’ को बढ़ावा देने के लिए नाडा (NADA) के विशेषज्ञ खिलाड़ियों को एंटी-डोपिंग नियमों, प्रतिबंधित पदार्थों और डोप टेस्टिंग प्रक्रिया के बारे में जागरूक करेंगे।
सत्र को रोचक बनाने के लिए एक इंटरैक्टिव ‘स्पोर्ट्स क्विज’ भी आयोजित की जाएगी, ताकि खिलाड़ी डोपिंग से जुड़े नियमों और अपने अधिकारों को बेहतर तरीके से समझ सकें। शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए जाएंगे।
‘चैंपियंस स्टोरी’ से प्रेरणा और सीधी बातचीत का मौका
कार्यक्रम की मुख्य विशेषता ‘चैंपियंस स्टोरी’ सत्र होगा, जहां अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी अपने संघर्ष, अनुशासन और सफलता की यात्रा साझा करेंगे।
युवा खिलाड़ियों को खेल मंत्री श्री गौरव गौतम और दिग्गज एथलीटों के साथ सीधे संवाद करने का अवसर मिलेगा। इस दौरान वे अपने करियर और प्रशिक्षण से जुड़े सवाल भी पूछ सकेंगे।
खेल मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा का हर खिलाड़ी केवल पदक जीतने वाला एथलीट ही न बने, बल्कि वह वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जागरूक और सशक्त भी बने। हमारा लक्ष्य प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को ‘टैलेंट से एक्सीलेंस’ और ‘पोटेंशियल से पोडियम’ तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से खिलाड़ियों का एक डिजिटल फीडबैक डेटाबेस भी तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य की खेल नीतियों को और अधिक खिलाड़ी-केंद्रित बनाया जा सकेगा।






