मुंबई/हरियाणा , 24 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा में निवेश की नई संभावनाओं को गति देने और प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश केंद्र के रूप में और मजबूत करने के उद्देश्य से मुंबई में चल रहे ‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ ग्लोबल कैपिटल कैंपेन के तहत मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को प्रमुख निवेशकों, ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्मों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ राउंडटेबल कॉन्फ्रेंस की। इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश की आर्थिक गति को तेज करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में उद्योग जगत की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य प्रदेश को ऐसा भरोसेमंद, रिस्पॉन्सिव और निवेशक-अनुकूल राज्य बनाना है, जहां निवेशकों को बेहतर कारोबारी अवसरों के साथ सरकार के साथ काम करने में विश्वास और सकारात्मक अनुभव मिले।
निवेशकों के सुझावों पर होगी ठोस और समयबद्ध कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक के दौरान निवेशकों ने अपने अनुभवों के आधार पर कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सुझाव दिए। सरकार इन सुझावों को संबंधित विभागों के साथ मिलकर टाइम-बाउंड एक्शन प्लान में बदलने का प्रयास करेगी। जहां जरूरी होगा, सुझावों के क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट विभागीय जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जमीन, मंजूरी और अन्य प्रक्रियाओं से जुड़े विषयों को सरल बनाने के लिए सरकार आवश्यक सुधार करेगी। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से कहा कि यदि उनकी पोर्टफोलियो कंपनियां हरियाणा में विस्तार, मैन्युफैक्चरिंग, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में अवसर तलाश रही हैं तो हरियाणा सरकार उनके साथ आगे भी बातचीत करने और हरसंभव सुविधा देने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल निवेश आकर्षित करना नहीं चाहती, बल्कि उद्योग जगत के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करना चाहती है।
डिफेंस सेक्टर के लिए जल्द आएगी नई नीति
बैठक में डिफेंस सेक्टर में निवेश और संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों की ओर से डिफेंस सेक्टर को लेकर सबसे अधिक सुझाव और रुचि सामने आई है। इन संभावनाओं को देखते हुए सरकार जल्द ही डिफेंस सेक्टर से जुड़ी नीति लाने पर विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और इससे जुड़े उद्योगों के लिए अलग-अलग स्थानों पर क्लस्टर आधारित विकास की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। पिछले बजट में हरियाणा में 10 नए आईएमटी स्थापित करने की घोषणा की गई थी और इस दिशा में भूमि संबंधी कार्य आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हिसार स्थित महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के साथ मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इसी क्षेत्र में डिफेंस क्लस्टर को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा। इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट के नजदीक हरियाणा क्षेत्र में एक अन्य औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की योजना पर भी काम आगे बढ़ रहा है।
उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार होगी कुशल मैनपावर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों को केवल जमीन और सुविधाएं उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी जरूरत के अनुसार कुशल मानव संसाधन उपलब्ध करवाना भी सरकार की प्राथमिकता है।
हरियाणा सरकार ने आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों को उद्योगों से जोड़ते हुए एमओयू के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देने की दिशा में कदम उठाए हैं। इससे उद्योगों को आवश्यक कुशल मैनपावर उपलब्ध होगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
अप्रैल 2027 में हरियाणा में होगा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निवेशकों और उनकी लीडरशिप टीम को अप्रैल 2027 में हरियाणा में आयोजित होने वाले ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट’ में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि मुंबई में हुई यह बैठक हरियाणा और निवेशक समुदाय के बीच मजबूत एवं दीर्घकालिक साझेदारी की शुरुआत बनेगी।
‘विकसित भारत’ के संकल्प में ‘विकसित हरियाणा’ की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में हरियाणा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में ऐसा निवेश इकोसिस्टम तैयार किया जाए, जहां नीतियों का सरलीकरण, तेज मंजूरी, बेहतर बुनियादी ढांचा, कुशल मैनपावर और प्रभावी इन्वेस्टर फैसिलिटेशन एक साथ उपलब्ध हों।
उद्योग समर्थक नीतियों और प्लग एंड प्ले मॉडल की निवेशकों ने की सराहना
राउंडटेबल कॉन्फ्रेंस में इक्विटी, वारबर्ग पिंकस, डेविडसन केम्पनर इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स इंडिया, प्रेमजी इन्वेस्ट, वाटरफील्ड एडवाइजर्स, 360वन (अल्टरनेट्स), समारा कैपिटल, आईवीकैप वेंचर्स, ओमान इंडिया ज्वाइंट इन्वेस्टमेंट फंड, ब्लैकसॉयल, द इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट ऑफ इंडिया–ग्रोथ अपॉर्च्युनिटीज फंड, ग्लोबल साउथ कैपिटल, एटॉमिक कैपिटल, एक्विलॉन कैपिटल, जशविक कैपिटल, यूनिकॉर्न वीसी, बीपीईएल इंडिया और गाजा कैपिटल सहित कई प्रमुख निवेश संस्थानों के एमडी, संस्थापक और सीईओ ने हिस्सा लिया तथा अपने सुझाव दिए।
निवेशकों और उद्योगपतियों ने हरियाणा सरकार की निवेश प्रोत्साहन और औद्योगिक विकास से जुड़ी उद्योग समर्थक नीतियों की सराहना की। उन्होंने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, निवेश प्रोत्साहन, औद्योगिक बुनियादी ढांचे और प्लग एंड प्ले मॉडल को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बताया।
निवेशकों ने कहा कि इन सुविधाओं से नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में समय और लागत दोनों की बचत होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि हरियाणा सरकार की प्रगतिशील नीतियों और उद्योगों को उपलब्ध सुविधाओं के चलते आने वाले समय में प्रदेश में बड़े स्तर पर नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, श्री सुशील सारवान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






