पटियाला, 7 सितंबर, 2026 (हर्षलीन सिंह): पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला के पंजाबी विभाग की साहित्य सभा द्वारा “भरत मुनि के नाट्यशास्त्र की पुनर्व्याख्या” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ. रवेळ सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की।
उन्होंने भरत मुनि के नाट्यशास्त्र की विभिन्न अवधारणाओं, भारतीय नाट्य परंपरा में इसके महत्व तथा समकालीन संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से विचार साझा किए। उन्होंने नाट्यशास्त्र को नए दृष्टिकोण से समझने और इसकी पुनर्व्याख्या की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
इससे पहले पंजाबी विभाग की प्रमुख डॉ. राजवंत कौर पंजाबी ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे अकादमिक कार्यक्रम विद्यार्थियों और शोधार्थियों को साहित्यिक एवं सैद्धांतिक चिंतन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। व्याख्यान के बाद डॉ. गुरसेवक सिंह लांबी ने भी अपनी टिप्पणी रखी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजविंदर सिंह ने किया। समापन अवसर पर डीन भाषाएं प्रोफेसर सुरजीत सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्य वक्ता डॉ. रवेळ सिंह का विशेष आभार जताया। उन्होंने पंजाबी विभाग द्वारा आयोजित किए जा रहे ऐसे अकादमिक कार्यक्रमों की सराहना की।
इस अवसर पर डॉ. गुरप्रीत सिंह, डॉ. रविंदर कौर सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।






