Thursday, November 5, 2026
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कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत तीन गांवों के 810 परिवारों को बांटे प्रॉपर्टी कार्ड

संगरूर/सुनाम, 21 अक्टूबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने गांव ईलवाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत विधानसभा क्षेत्र सुनाम के गांव उभावाल, ईलवाल और लखमीरवाला के 810 परिवारों को उनके घरों के मालिकाना हक से संबंधित प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लाल लकीर के भीतर स्थित घरों में रहने वाले लोगों को मालिकाना दस्तावेज उपलब्ध करवाकर उनकी लंबे समय से चली आ रही जरूरत को पूरा कर रही है।

इस संबंध में आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि गांवों में अनेक परिवार पीढ़ियों से अपने घरों में रह रहे थे, लेकिन उनके पास इन संपत्तियों के मालिकाना हक से संबंधित आधिकारिक दस्तावेज नहीं थे। उन्होंने कहा कि ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना ऐसे परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से उन्हें अपनी आवासीय संपत्ति के स्वामित्व का दस्तावेजी आधार मिल रहा है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि इन प्रमाणपत्रों के माध्यम से लाभार्थियों को उसी तरह मालिकाना हक मिल रहे हैं, जैसे तहसील में रजिस्ट्री करवाने के बाद मिलते हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत संबंधित राजस्व रिकॉर्ड और जमाबंदी में स्वामित्व का विधिवत इंद्राज किया जाएगा। इससे परिवारों को अपनी संपत्ति की खरीद-फरोख्त करने और जरूरत के अनुसार बैंकों की शर्तें पूरी करके ऋण प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस योजना की विशेषता यह है कि लोगों को मालिकाना हक से संबंधित ये दस्तावेज बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने लोगों पर कोई वित्तीय बोझ डाले बिना उनके घरों के स्वामित्व से जुड़ी अनिश्चितता दूर करने के लिए यह कदम उठाया है।

अमन अरोड़ा ने प्रॉपर्टी कार्ड प्राप्त करने वाले परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि अपने घर के मालिकाना हक के पक्के दस्तावेज मिलना प्रत्येक परिवार के लिए खुशी और संतुष्टि का विषय है। उन्होंने कहा कि लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना और सरकारी सेवाओं का लाभ उन तक पहुंचाना पंजाब सरकार की प्राथमिकता है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब में वर्ष 2007 से 2017 के दौरान पहली बार ‘चिट्टा’ और ‘गैंगस्टर’ जैसे शब्द सुनने को मिले थे और उस समय ऐसे तत्वों को संरक्षण मिलता रहा। इसके विपरीत, पंजाब सरकार नशों के खात्मे के लिए दिन-रात प्रयास कर रही है।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति, विभिन्न पदाधिकारी, पंच-सरपंच और बड़ी संख्या में गांवों के निवासी उपस्थित थे।

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