पटियाला, 21 अक्टूबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत औषधि नियंत्रण विभाग ने पुलिस के सहयोग से पटियाला और सनौर क्षेत्र में विभिन्न दवा विक्रेताओं और फर्मों की जांच की। 16 से 19 अक्टूबर तक चलाए गए इस अभियान के दौरान कुल 16 फर्मों की जांच की गई, जिनमें से 11 में दवाइयों और सौंदर्य प्रसाधन से संबंधित नियमों का उल्लंघन पाया गया। यह जानकारी क्षेत्रीय लाइसेंसिंग अधिकारी नवजोत कौर ने दी।
एक दुकान से 900 गोलियां जब्त
नवजोत कौर ने बताया कि एक दवा विक्रेता के यहां खरीद और बिक्री के रिकॉर्ड में अनियमितताएं मिलने पर दवाइयां जब्त की गईं। इसी तरह, गुप्त सूचना के आधार पर पटियाला के औषधि नियंत्रण अधिकारियों ने कोतवाली थाना पुलिस के साथ मिलकर पांच फर्मों की जांच की। इस दौरान एक दवा विक्रेता के रिकॉर्ड में कमियां पाए जाने पर 900 गोलियां जब्त की गईं, जिनकी कीमत लगभग 13 हजार रुपये बताई गई है।
उपचार केंद्र से मिलीं ट्रामाडोल की गोलियां
एक अन्य कार्रवाई के दौरान औषधि नियंत्रण अधिकारी परिणीत कौर ने जुल्कां थाना और रोहड़ जागीर पुलिस चौकी के सहयोग से चार फर्मों की जांच की। इस दौरान कुछ सामान्य अनियमितताएं सामने आईं। एक निजी उपचार केंद्र से ट्रामाडोल की गोलियां मिलने के बाद केंद्र के मालिक के खिलाफ नशीले पदार्थों से संबंधित कानून के तहत मामला दर्ज किया गया।
मसींगण में 34 हजार रुपये से अधिक की दवाइयां जब्त
गांव मसींगण में की गई कार्रवाई के दौरान एक दवा विक्रेता से 24 प्रकार की दवाइयां जब्त की गईं, जिनकी कुल कीमत 34,123 रुपये बताई गई है। विभाग ने यह कार्रवाई औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धाराओं 18-सी और 18-ए के तहत की। खरीद और बिक्री के रिकॉर्ड में मिली कमियों के मामले में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दवाओं की आड़ में नशे का अवैध कारोबार करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
क्षेत्रीय लाइसेंसिंग अधिकारी नवजोत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के निर्देशों के तहत दवाइयों की जांच का अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दवाइयों की आड़ में नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।






