ऑकलैंड, 30 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का चौथा मुकाबला 30 अक्टूबर को ऑकलैंड में खेला जाएगा। भारतीय टीम सीरीज में लगातार तीन मैच जीतकर 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है। ऐसे में चौथे मुकाबले में टीम प्रबंधन कुछ नए खिलाड़ियों को मौका देने के साथ अपनी बेंच स्ट्रेंथ आजमा सकता है।
कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को मिल सकता है मौका
इस मुकाबले में भारतीय स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती पर खास नजर रहेगी। पिछले कुछ महीनों में दोनों गेंदबाजों को नियमित रूप से प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली है। टीम प्रबंधन ने बल्लेबाजी को आठवें नंबर तक मजबूत रखने की रणनीति अपनाई है, जिसका फायदा टीम को शुरुआती तीनों मुकाबलों में मिला है।
हालांकि, सीरीज में 3-0 की बढ़त होने के कारण अब भारत के पास टीम संयोजन में प्रयोग करने का अच्छा अवसर है। कुलदीप यादव ने मध्य ओवरों में विकेट लेने की क्षमता दिखाई है, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ अब तक खेले गए तीनों मैचों में उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला। लगातार बाहर बैठने से उनके मैच अभ्यास और आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है।
दूसरी ओर, वरुण चक्रवर्ती पिछले छह महीनों में अपनी सर्वश्रेष्ठ लय हासिल करने के लिए संघर्ष करते नजर आए हैं। ऐसे में उन्हें मौका देकर उनकी फॉर्म और गेंदबाजी का आकलन किया जा सकता है।
ईशान किशन की फिटनेस पर नजर, वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है अवसर
भारतीय बल्लेबाजी क्रम में भी बदलाव की संभावना है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन चोट के कारण पिछले दो मुकाबलों में नहीं खेल पाए हैं। यदि वह चौथे मैच के लिए भी फिट नहीं होते हैं तो युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है।
वैभव ने वेलिंगटन में अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करते हुए टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई थी। उनके आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज को देखते हुए टीम प्रबंधन उन्हें एक और अवसर दे सकता है।
न्यूजीलैंड के सामने भारतीय शीर्ष क्रम को रोकने की चुनौती
सीरीज में पिछड़ चुकी न्यूजीलैंड की टीम के सामने चौथे मुकाबले में वापसी करने की बड़ी चुनौती होगी। मेजबान टीम को भारतीय शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों पर अंकुश लगाना होगा। शुरुआती ओवरों में विकेट हासिल करना न्यूजीलैंड के लिए बेहद जरूरी रहेगा, क्योंकि भारतीय बल्लेबाजों ने अब तक आक्रामक अंदाज में खेलते हुए विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाया है।
वहीं, भारतीय टीम की कोशिश लगातार चौथी जीत दर्ज कर सीरीज में अपनी बढ़त को और मजबूत करने की होगी। सीरीज के अंतिम दो मुकाबले भारत के लिए नए खिलाड़ियों को आजमाने और आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए टीम संयोजन तैयार करने का अवसर भी साबित हो सकते हैं।






