चंडीगढ़, 24 जुलाई 2026: पलवल स्थित श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी (एसवीएसयू) में शुक्रवार को हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के तत्वावधान में उच्च शिक्षा में स्किल-आधारित पाठ्यक्रमों और माइक्रो-क्रेडेंशियल्स पर एक राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने मुख्य अतिथि के रूप में किया।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा को कौशल और उद्योग से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और अकादमिक प्रतिनिधियों से विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख एवं उद्यमशील बनाने की दिशा में ठोस प्रयास करने का आह्वान किया।
महिपाल ढांडा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने उच्च शिक्षा को अधिक लचीला, व्यावहारिक और रोजगारपरक बनाया है। अब आवश्यकता है कि इन प्रावधानों को प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू किया जाए, ताकि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र और वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने के लक्ष्य को प्राप्त कर सके।
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में स्किल-आधारित शिक्षा का समन्वय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इससे हरियाणा की उच्च शिक्षा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता भी बढ़ेगी। शिक्षा मंत्री ने विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित कौशल आधारित कार्यक्रमों और माइक्रो-क्रेडेंशियल्स पर किए गए कार्यों की समीक्षा भी की।
इससे पहले शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय में नव-निर्मित कॉन्फ्रेंस रूम का उद्घाटन किया तथा ‘कुशल संवाद’ नामक न्यूजलेटर का विमोचन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया।
कार्यशाला में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और अकादमिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा उच्च शिक्षा में कौशल आधारित शिक्षा के समावेश और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।






