Thursday, August 27, 2026
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अंत्योदय परिवार उत्थान योजना आशाओं, अवसरों और आत्मनिर्भरता का है मेला

लाडवा, 26 जुलाई,2026 (संजीव शर्मा):  मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत प्रदेशभर में लगने वाले अंत्योदय मेले आशाओं, अवसरों और आत्मनिर्भरताओं के मेले है। इन मेलों के एक मंच पर ही 19 विभागों की 47 योजनाओं का लाभ सीधा पात्र लाभार्थी को दिया जा रहा है। अहम पहलू यह है कि प्रदेश में अब तक 166 जगहों पर अंत्योदय मेलों का आयोजन किया जा चुका है। इन मेलों में 4 लाख 24 हजार 278 परिवारों को आमंत्रित भी किया गया है।
नायब सिंह सैनी रविवार को लाडवा के आई.जी.एन कॉलेज में जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत आयोजित अंत्योदय मेला में बोल रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार योजना मेले का उदघाटन किया  इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गांव गोबिंदपुरा निवासी लाभार्थी ताराचंद को पीएम स्ट्रीट वैंडर योजना के तहत स्वीकृति पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने पौधा भेंट कर सम्मानित किया।


आज सरकार स्वयं चलकर उस गरीब जरूरतमंद परिवार के पास पहुंची है, जो अपने अधिकार और अवसर की प्रतीक्षा कर रहा है। यह अंत्योदय मेला उस संकल्प का जीवंत स्वरूप है, जिसमें सरकार की प्रत्येक योजना, प्रत्येक संसाधन और प्रत्येक प्रयास अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के लिए है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय हमारे लिए केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति का संस्कार है। हमारी परंपरा ने हमें सिखाया है सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया:। यानी सभी सुखी हों, सभी स्वस्थ हों और कोई भी दु:खी न रहे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने इसी भावना को अंत्योदय का नाम दिया। उनका विचार था कि विकास की सार्थकता तभी है, जब उसका प्रकाश अंतिम घर तक पहुंचे और उसकी गर्माहट अंतिम व्यक्ति अनुभव करे।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में डबल इंजन सरकार इसी विचार को जमीन पर उतार रही है। सरकार का संकल्प स्पष्ट है, कोई गरीब पीछे नहीं रहेगा, कोई जरूरतमंद अवसर से वंचित नहीं रहेगा और किसी परिवार को केवल इसलिए आगे बढ़ने से नहीं रोका जाएगा कि उसके पास साधन, संपर्क या सही जानकारी नहीं है। सरकार के लिए शासन का अर्थ केवल कार्यालयों में फाइलें चलाना नहीं है, बल्कि जनता की कठिनाइयों को समझना, समाधान को सरल बनाना और उस समाधान को जरूरतमंद के द्वार तक पहुंचाना है। कई बार व्यक्ति के पास आगे बढ़ने की क्षमता होती है, पर उसे सही अवसर नहीं मिलता। किसी युवा के हाथ में हुनर है, लेकिन रोजगार का मार्ग नहीं है। कोई महिला अपना व्यवसाय शुरू करना चाहती है, पर उसे ऋण और प्रशिक्षण की जानकारी नहीं है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कोई श्रमिक मेहनत करने को तैयार है, लेकिन वह उचित योजना से जुड़ नहीं पाता। किसी परिवार के पास छोटा उद्योग शुरू करने का सपना है, पर बैंक और विभाग के बीच की प्रक्रिया उसे कठिन लगती है। सरकार की मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना ऐसी ही दूरियों को समाप्त करने का मार्ग है। इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद परिवार को स्थायी आजीविका से जोड़ना है। स्वरोजगार, कौशल विकास, रोजगार, वित्तीय समावेशन और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं को एक मंच पर लाकर पात्र परिवारों को उनकी आवश्यकता और योग्यता के अनुसार अवसर प्रदान करना हैं। यहां परिवार को केवल आवेदन देकर वापस नहीं भेजा जाता। उसकी रुचि, क्षमता, परिस्थिति और आवश्यकता को समझकर उचित मार्गदर्शन देने का प्रयास किया जाता है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के पहले चरण में उल्लेखनीय यात्रा तय की है। प्रदेश में अब तक 166 स्थानों पर अंत्योदय मेलों का आयोजन किया गया है। इन मेलों के दौरान 4 लाख 24 हजार 272 परिवारों का आमंत्रित किया गया और 1 लाख 88 हजार 792 परिवार मेलों में पहुंचे। इनमें से 1 लाख 52 हजार 157 परिवारों को विभाग के पास भेजा गया। उन्होंने कहा कि अब तक 55 हजार 422 पात्र लाभार्थियों तक आजीविका के लाभ पहुंचे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी योजनाओं और सेवाओं को परिवार पहचान-पत्र से जोड़ा गया है। घर बैठे ऑटो मोड में अब तक लगभग 40 लाख परिवारों के बी.पी.एल कार्ड बनाए गए हैं। इसके अलावा गरीब परिवार को मुफ्त चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-चिरायु योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज किया जाता है। अब तक लगभग 30 लाख लोगों का 4 हजार 314 करोड़ रुपये की लागत से मुफ्त इलाज करवाया जा चुका है। सरकार ने किडनी के रोग से पीड़ित रोगियों के लिए सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस की सेवाएं शुरू की है।
3 लाख 81 हजार बेटियों को शादी पर दी 1523 करोड़ रुपए की शगुन राशि
मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों की बहन-बेटियों की शादी पर 71 हजार रुपये तक शगुन राशि दी जाती है। अब तक 3 लाख 85 हजार बेटियों की शादी पर 1 हजार 523 करोड़ रुपये शगुन राशि दी गई। गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। यह लाभ प्रदेश के लगभग 14 लाख 43 हजार परिवारों को मिल रहा है। इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन, मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी, एडीसी विवेक आर्य, एसडीएम अनुभव मेहता, चेयरमैन सुभाष कलसाना, भाजपा के वरिष्ठ नेता जयभगवान शर्मा डीडी, चेयरमैन गुरनाम सैनी, चेयरमैन रविंद्र सांगवान, जिलाध्यक्ष रमेश सैनी, चेयरपर्सन साक्षी खुराना, चेयरमैन डा. गणेश दत्त, चेयरमैन सतीश मथाना, मीडिया कोऑर्डिनेटर तुषार सैनी, प्रधान जितेंद्र खैरा, प्रदेश सचिव राहुल राणा, मंडलाध्यक्ष शिव गुप्ता, मंडलाध्यक्ष विकास शर्मा, मंडलाध्यक्ष नरेंद्र दबखेड़ा, मंडलाध्यक्ष अमरेंद्र सिंह, सतबीर मंगोली, नायब सिंह पटाक माजरा, पूनम सैनी सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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