हरियाणा, 23 अगस्त 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए व्यापक राज्यव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेश के 14,300 से अधिक सरकारी स्कूलों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और भौतिक ढांचे की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि निरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यावहारिक बनाने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के साथ तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया। इसमें जेई सिविल, एस.डी.ई, बी.ई.ओ, ए.बी.आर.सी.और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एस.एम.सी) के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। मुख्यालय स्तर के अधिकारियों ने भी समय-समय पर स्कूलों का दौरा किया। प्रत्येक स्कूल की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए विशेष ‘माइक्रो प्लान’ तैयार किया गया है, ताकि प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य करवाए जा सकें।
2,800 कार्यों की पहचान, 130 करोड़ रुपये का पहला बजट
प्रवक्ता ने बताया कि निरीक्षण के दौरान प्रदेशभर में लगभग 2,800 विकास कार्यों और जरूरी सुधारों की पहचान की गई है। इनमें पुरानी और जर्जर इमारतों को हटाना, नए कमरों का निर्माण, चारदीवारी, नए शौचालय तथा छोटे-बड़े मरम्मत कार्य शामिल हैं। विभाग ने इन कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना बनाई है और पहले चरण के लिए 130 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है।
स्वच्छता और दिव्यांग-अनुकूल सुविधाओं पर विशेष ध्यान
विद्यार्थियों के लिए बेहतर स्वच्छता सुनिश्चित करने और विशेष जरूरतों वाले बच्चों को सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए 11.01 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इसके तहत लड़कों के लिए 484 नए शौचालय, लड़कियों के लिए 173 नए शौचालय, 97 दिव्यांग-अनुकूल शौचालय, 51 रैंप का निर्माण तथा मौजूदा शौचालयों के नवीनीकरण और मरम्मत के कार्य शामिल हैं।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक योजनाओं का विस्तार
प्रवक्ता ने कहा कि शिक्षा विभाग का उद्देश्य केवल स्कूल भवनों में सुधार करना नहीं, बल्कि प्रत्येक सरकारी स्कूल को उत्कृष्ट शिक्षा केंद्र बनाना है। बुनियादी ढांचे के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में निपुण कार्यक्रम, सुपर-100, कौशल विकास तथा फ्रेंच और जर्मन भाषा शिक्षा जैसे नए प्रयास संचालित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा संस्कृति मॉडल स्कूल, सी.एम.-ईईई स्कूल और पीएम श्री स्कूलों के माध्यम से आधुनिक अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है, जो विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच लोकप्रिय हो रही है। बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में लगातार हो रहा सुधार दर्शाता है कि सरकारी स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता के मामले में किसी से पीछे नहीं हैं। शिक्षक और एसएमसी समितियां इस बदलाव में लगातार योगदान दे रही हैं।






