चंडीगढ़, 9 जुलाई,2026 : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मिशन ओलंपिक 2036 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राज्य के खिलाड़ियों को अधिक से अधिक ओलंपिक पदक जीतने के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए पहले चरण में राज्य में 11 अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल केंद्र विकसित किए जाएंगे, जिन पर लगभग 800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री मिशन ओलंपिक 2036 को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन खेल केंद्रों का विकास किया जाएगा, उनमें स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी राई, स्टेट स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पलवल, टीडीएल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल की निजी खेल अकादमी, जींद, गोहाना और यमुनानगर शामिल हैं। बैठक में विशेष रूप से 13 से 16 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि ओलंपिक 2036 टैलेंट मिशन के तहत स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी राई को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जबकि इसकी निगरानी खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केंद्रों में 1,200 खिलाड़ियों को विभिन्न खेल विधाओं में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही 2028 एशियाई खेलों के लिए भी खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए ओलंपिक पदक विजेता कोचों की सेवाएं ली जाएंगी। इसके अलावा राज्य में 23 अन्य खेल केंद्र भी विकसित किए जाएंगे, जहां खिलाड़ियों के लिए आवास और भोजन की समुचित व्यवस्था उपलब्ध होगी।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, आयुक्त एवं सचिव सी.जी. रजनीकांतन, उप-प्रधान सचिव डॉ. यशपाल, अजय कुमार, कैप्टन मनोज कुमार, निदेशक पार्थ गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






