पशुधन की देखभाल के लिए 820 ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जाएंगे
चंडीगढ़, 20 जुलाई, 2026 : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार गौशालाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए कई प्रभावी योजनाएं लागू कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश की गौशालाओं को पशुधन की देखभाल के लिए 820 ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री सोमवार को चंडीगढ़ में आयोजित हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा तथा महिला एवं बाल विकास एवं सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी भी उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत एक हजार तक पशुधन वाली गौशालाओं को एक तथा एक हजार से अधिक पशुधन वाली गौशालाओं को दो-दो ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में 10.25 करोड़ रुपये की लागत से ई-रिक्शा खरीदने को मंजूरी दी गई। प्रदेश की 770 गौशालाओं में से 553 गौशालाओं में एक हजार से कम, 79 में दो हजार तक, 20 में तीन हजार तक, 8 में चार हजार तक, एक में पांच हजार तथा एक गौशाला में छह हजार तक पशुधन है।
बैठक में कैथल शहर की विभिन्न कॉलोनियों में 12.87 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज लाइन बिछाने की परियोजना को भी मंजूरी दी गई। यह परियोजना वर्ष 2042 तक की संभावित आबादी को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके अलावा खेड़ड़ में वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के उन्नयन और आरसीसी टैंक निर्माण के लिए 27.70 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) के तहत 10 एमएलडी क्षमता के पांच रैनीवेल ट्यूबवेल स्थापित करने की भी मंजूरी दी। गांव मंझावली और मोठूका के निकट यमुना नदी के जलभराव क्षेत्र में लगभग 164.75 करोड़ रुपये की लागत से इन ट्यूबवेलों की स्थापना की जाएगी, जिनके माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।
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