Wednesday, August 26, 2026
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गौशालाओं को 820 ई-रिक्शा देने का निर्णय गौसेवा और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम: एडवोकेट सुमन खीचड़

फतेहाबाद 22 जुलाई, 2026 (संजीव शर्मा): जिला परिषद फतेहाबाद की प्रधान एवं भाजपा जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट सुमन खीचड़ ने माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश की गौशालाओं को 820 ई-रिक्शा उपलब्ध करवाने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि ₹10.25 करोड़ की लागत से खरीदे जाने वाले ये ई-रिक्शा गौशालाओं की दैनिक कार्यप्रणाली को सुगम बनाने के साथ उन्हें आधुनिक संसाधनों से सशक्त करेंगे।

उन्होंने बताया कि योजनान्तर्गत 1,000 तक गोवंश रखने वाली गौशाला को एक तथा इससे अधिक गोवंश वाली गौशाला को दो ई-रिक्शा उपलब्ध करवाए जाएंगे। इनके माध्यम से चारा, पशु आहार, दवाइयां एवं अन्य आवश्यक सामग्री लाने-ले जाने में सुविधा होगी। बीमार, घायल अथवा बेसहारा गोवंश की देखभाल में भी इन वाहनों का उपयोग किया जा सकेगा। इससे गौशालाओं का परिवहन खर्च कम होगा तथा गौसेवकों के समय और श्रम की बचत होगी। ई-रिक्शा प्रदूषण रहित और कम संचालन लागत वाले वाहन हैं, इसलिए यह योजना गौसेवा के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्रोत्साहित करेगी।

एडवोकेट सुमन खीचड़ ने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार ने वर्ष 2014 से गौसंरक्षण को केवल आस्था तक सीमित न रखते हुए इसके लिए मजबूत नीतियां, बड़ा बजट और स्थायी व्यवस्थाएं विकसित की हैं। वर्ष 2014 में प्रदेश में केवल 215 पंजीकृत गौशालाएं थीं, जबकि मई 2026 तक इनकी संख्या बढ़कर 697 हो गई है। इन गौशालाओं में चार लाख से अधिक बेसहारा गोवंश को आश्रय और संरक्षण मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में गौशालाओं एवं गौसंरक्षण संबंधी कार्यों के लिए ₹595 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया। इसी अवधि में प्रदेश की 619 पंजीकृत गौशालाओं के लिए कुल ₹228.58 करोड़ का चारा अनुदान जारी किया गया। पिछले लगभग 11 वर्षों में गौशालाओं को दिए गए चारा अनुदान की कुल राशि ₹526.45 करोड़ तक पहुंच चुकी है। ये आंकड़े प्रमाणित करते हैं कि भाजपा सरकार गौसेवा को धरातल पर मजबूत करने के लिए निरंतर आर्थिक संसाधन उपलब्ध करवा रही है।

एडवोकेट सुमन खीचड़ ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत गौशालाओं को प्रत्येक गाय के लिए ₹20, नंदी के लिए ₹25 तथा बछड़े के लिए ₹10 प्रतिदिन की दर से चारा सहायता दी जा रही है। इसके अतिरिक्त बेसहारा गोवंश को सड़कों से गौशालाओं में पहुंचाकर आश्रय देने के लिए बछड़े पर ₹300, गाय पर ₹600 तथा नंदी या बैल पर ₹800 की प्रोत्साहन सहायता का प्रावधान किया गया है। इससे सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं की समस्या कम करने, सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और किसानों की फसलों की रक्षा करने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने बताया कि गौशालाओं का आर्थिक बोझ कम करने के लिए उन्हें मात्र ₹2 प्रति यूनिट की रियायती दर से बिजली दी जा रही है। नई गौशालाओं के लिए भूमि पंजीकरण पर स्टांप शुल्क माफ किया गया है। प्रदेश की 330 पंजीकृत गौशालाओं में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जा चुके हैं तथा सरकार ने वर्ष 2026-27 के दौरान सभी पंजीकृत गौशालाओं को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे गौशालाओं का बिजली खर्च कम होगा और वे स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आत्मनिर्भर बनेंगी।

उन्होंने कहा कि गौशालाओं में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में 51 गौशालाओं में शेड निर्माण हेतु प्रति गौशाला ₹10 लाख देने का प्रावधान किया गया, जिनमें से मई 2026 तक 21 गौशालाओं को सहायता जारी की जा चुकी थी। पानीपत के नैन और हिसार के ढंढूर में पांच-पांच हजार गोवंश की क्षमता वाले गौ अभयारण्य भी विकसित किए गए हैं, जिनके लिए ₹8 करोड़ उपलब्ध करवाए गए।

एडवोकेट सुमन खीचड़ ने कहा कि गौशालाओं में गोवंश के स्वास्थ्य और उपचार की व्यवस्था को भी मजबूत बनाया जा रहा है। बजट 2026-27 में सात नए सरकारी पशु औषधालय तथा चार नए सरकारी पशु चिकित्सालय खोलने का प्रावधान किया गया है। तीन हजार से अधिक गोवंश वाली गौशालाओं में सप्ताह में एक बार पशु चिकित्सक तथा इससे छोटी गौशालाओं में साप्ताहिक रूप से वीएलडीए की सेवाएं उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ मोबाइल पशु चिकित्सा सेवाएं भी दी जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि पंचकूला के सुखदर्शनपुर में हरियाणा गोवंश अनुसंधान केंद्र की स्थापना की गई है। गौशालाओं को गोबर गैस संयंत्र, जैविक खाद, पंचगव्य तथा गोबर-गोमूत्र से पर्यावरण अनुकूल उत्पाद तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य गौशालाओं को केवल दान और सरकारी अनुदान पर निर्भर रखने के बजाय उनके लिए आय के स्थायी साधन विकसित करना है।

जिला परिषद प्रधान ने बताया कि जिला परिषद फतेहाबाद भी प्रारंभ से ही गौसेवा और गौशालाओं में स्थायी आधारभूत ढांचा खड़ा करने के लिए प्रतिबद्ध रही है। जिला परिषद द्वारा उपलब्ध निधियों एवं नियमानुसार गौशालाओं में पशु शेड, चारा गोदाम और अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। भीषण गर्मी, सर्दी एवं वर्षा से गोवंश की सुरक्षा के लिए शेड, चारे के सुरक्षित भंडारण के लिए गोदाम, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश, स्वच्छता और जल निकासी की उचित व्यवस्था जरूरी है। जिला परिषद का प्रयास केवल तात्कालिक सहायता देना नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी संपत्तियां तैयार करना है जिनका लाभ गौशालाओं को अनेक वर्षों तक मिलता रहे।
उन्होंने कहा कि जिला परिषद सदन, ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, गौशाला प्रबंधन समितियों और गौसेवकों के सहयोग से जिले की गौशालाओं की आवश्यकताओं को आगे भी प्राथमिकता से उठाया जाएगा। गौशालाओं में आधारभूत ढांचे के विस्तार, स्वच्छता, जल संरक्षण, चारा भंडारण और गोवंश के स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक कार्यों के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
एडवोकेट सुमन खीचड़ ने कहा, “गौमाता हमारी संस्कृति, आस्था, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार हैं। माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा की भाजपा सरकार ने गौसेवा की भावना को बजट, तकनीक और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से जोड़ा है। गौशालाओं को 820 ई-रिक्शा देने का निर्णय गौसेवकों को नई शक्ति प्रदान करेगा और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को आगे बढ़ाएगा।”
उन्होंने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा सरकार का प्रदेश के गौसेवकों, गौशाला प्रबंधन समितियों तथा फतेहाबाद की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया।

 

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