कुरुक्षेत्र, 24 जुलाई,2026 (अमनदीप सरां) : उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बैठकों और समाधान शिविरों में अपने विभाग से जुड़ी शिकायतों और उनके निपटारे की पूरी जानकारी के साथ उपस्थित हों। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित शिकायतों की समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने लगातार बैठकों से अनुपस्थित रहने और लंबित शिकायतों के निपटारे में देरी करने वाले चार विभागों के अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों में विभागाध्यक्षों की मौजूदगी अनिवार्य रहेगी और शिकायतकर्ताओं की समस्याओं की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाए।
बैठक में सीएम विंडो, समाधान शिविर, जनसंवाद पोर्टल, सीपीग्राम पोर्टल और एसएमजीटी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सीएम विंडो पर आई एक बुजुर्ग महिला की शिकायत के मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी को स्वयं शिकायतकर्ता के घर जाकर स्थिति की जांच करने और समाधान के बाद फोटो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर प्रत्येक सोमवार और वीरवार को जिला एवं उपमंडल स्तर पर समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में अब तक 8,417 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 5,468 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है, जबकि 2,553 शिकायतें अस्वीकार की गई हैं, 286 शिकायतें लंबित हैं और 93 शिकायतें दोबारा खोली गई हैं।
उन्होंने बताया कि जनसंवाद पोर्टल पर अब तक 555 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 164 का समाधान किया जा चुका है, 116 मामलों पर कार्रवाई जारी है, 70 शिकायतों की कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) भेजी जा चुकी है और 69 शिकायतें लंबित हैं।
वहीं, सीएम विंडो पर अब तक 12,316 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 12,038 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है, जबकि 177 मामलों में कार्रवाई जारी है, 85 की एटीआर भेजी गई है और 122 शिकायतें अभी लंबित हैं।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने लंबे समय से लंबित चार सीएम विंडो शिकायतों को आगामी समाधान शिविर में स्वयं सुनने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर जिला परिषद के सीईओ वीरेंद्र चौधरी, डीआरओ चेतना चौधरी, डीएसओ मनोज कुमार, डीआईपीआरओ डॉ. नरेंद्र सिंह, जीएम रोडवेज समिंद्र सिंह, डीडीपीओ विकास कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






