वॉशिंगटन/बगदाद, 29 जुलाई, 2026 (दीपक दत्ता): पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर संयुक्त हवाई कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना ने बताया कि यह अभियान हाल ही में हुए ड्रोन हमलों के जवाब में चलाया गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, दोनों देशों के लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में हथियारों के भंडार और सैन्य आपूर्ति से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि पिछले तीन दिनों में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े समूहों ने 30 से अधिक ड्रोन हमले किए थे। अमेरिका ने ईरान समर्थित संगठनों को चेतावनी दी है कि यदि ऐसे हमले जारी रहे तो उनका और अधिक कड़ा जवाब दिया जाएगा। वहीं, सऊदी अरब ने भी पुष्टि की है कि उसने इराक की दिशा से आए कई ड्रोन मार गिराए, जो उसके पूर्वी क्षेत्र में स्थित तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे।
इस सैन्य तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी देखने को मिला। मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अगस्त डिलीवरी वाला कच्चा तेल 3.18 प्रतिशत बढ़कर 7,845 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में और उछाल आने की संभावना है। अमेरिका और सऊदी अरब की इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंताएं और गहरा गई हैं।






