हरियाणा, 2 अगस्त,2026 (संजीव सिंगला): हरियाणा सरकार प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य में 150 सरकारी स्कूलों की नई इमारतों का निर्माण किया जाएगा, जो पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी। इन स्कूलों के डिजाइन और निर्माण के लिए देश के अग्रणी राज्यों और प्रतिष्ठित संस्थानों के श्रेष्ठ मॉडल तथा विशेषज्ञों की सहायता ली जाएगी। मुख्यमंत्री शुक्रवार देर शाम चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास ‘संत कबीर कुटीर’ में स्कूल शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा भी मौजूद रहे।
719 उत्कृष्ट स्कूलों के विकास पर हुई चर्चा
बैठक में प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभाग की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा की गई। विशेष रूप से राज्य के 719 उत्कृष्ट स्कूलों—जिनमें संस्कृति मॉडल स्कूल, मुख्यमंत्री अर्ली इंग्लिश एंड एक्सीलेंस स्कूल और पी.एम श्री स्कूल शामिल हैं मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन स्कूलों में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में नई इमारतों के निर्माण के साथ अतिरिक्त कक्षाएं, अलग शौचालय, मजबूत चारदीवारी, खेल मैदान, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, डिजिटल लैब, स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय, नया फर्नीचर, टैबलेट और अन्य आधुनिक शिक्षण संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने वित्त और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों के लिए बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी और सभी निर्माण कार्यों को जल्द पूरा किया जाए।
ए.आई. और आधुनिक तकनीक से बदलेगी शिक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकारी स्कूलों का कायाकल्प करते हुए उनमें अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें उच्च गुणवत्ता वाला फर्नीचर, डिजिटल और स्मार्ट क्लासरूम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) आधारित शिक्षा सुविधाएं, व्यावसायिक शिक्षा, आधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब और डिजिटल लाइब्रेरी शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि ये स्कूल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र बन सकें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से इस महत्वाकांक्षी योजना को समयबद्ध तरीके से लागू करने और हरियाणा को स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए काम करने का आह्वान किया।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को मिलेगा प्रोत्साहन
बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाने के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित और सम्मानित किया जाए। उन्होंने सरकारी स्कूलों में साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था और स्वच्छता के स्तर को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को चल रहे विकास कार्यों और आगामी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया, मुख्यमंत्री के डिप्टी प्रिंसिपल सचिव यशपाल यादव, माध्यमिक शिक्षा के महानिदेशक जितेंद्र दहिया, निदेशक मनिता मलिक, शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक स्वप्निल रविंद्र पाटिल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






