4 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा सरकार सुशासन को मजबूत करने के लिए ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल करेगी। इसके जरिए अवैध निर्माण, अवैध खनन, प्रदूषण, नागरिक बुनियादी ढांचे और पुराने कचरा स्थलों की निगरानी की जाएगी।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने ‘दृश्य’ की बैठक में तकनीकी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए इन्हें जल्द लागू करने के निर्देश दिए। राज्य में आधारित चेंज डिटेक्शन सिस्टम से अवैध निर्माण और अतिक्रमण की पहचान की जा रही है। फरीदाबाद, हिसार, करनाल, पानीपत और यमुनानगर में करीब 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का डिजिटल मैप तैयार किया जा चुका है। वहीं गुरुग्राम में नगर निगम संपत्तियों की डिजिटल मैपिंग जारी है।
सरकार ड्रोन सर्वे के जरिए खनन गतिविधियों, लिगेसी वेस्ट साइट्स और प्रदूषण वाले क्षेत्रों की निगरानी भी कर रही है। अधिकारियों के अनुसार इन आधुनिक तकनीकों से पारदर्शिता बढ़ेगी और डेटा आधारित फैसले लेने में मदद मिलेगी।






