5 अगस्त,2026 (संजीव सिंगला): हरियाणा सरकार ने डिजिटल सुशासन को और मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य के सभी सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, प्राधिकरणों, जिला एवं अधीनस्थ कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली को तत्काल प्रभाव से अनिवार्य कर दिया है। अब सभी सरकारी फाइलों और आधिकारिक पत्राचार का निपटारा एवं आदान-प्रदान केवल ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही किया जाएगा। इस संबंध में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, बोर्डों एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों तथा विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को निर्देश जारी किए हैं।
जारी आदेशों के अनुसार, ई-ऑफिस राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित एक प्रमुख ई-गवर्नेंस प्रणाली है, जिसका उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली को पेपरलेस, पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनाना है। हरियाणा में यह प्रणाली वर्ष 2017 से चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है, जिससे फाइलों के निपटारे में तेजी, रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार और पारदर्शिता को बढ़ावा मिला है। मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। इसके लिए आवश्यक यूजर आईडी, डिजिटल हस्ताक्षर, कर्मचारियों का प्रशिक्षण और सूचना प्रौद्योगिकी ढांचे की व्यवस्था करने को कहा गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यों का अधिकतम निपटारा डिजिटल माध्यम से किया जाए और भौतिक फाइलों के उपयोग को न्यूनतम रखा जाए। आवश्यकता पड़ने पर विभाग एनआईसी हरियाणा, हारट्रोन या राज्य की ई-ऑफिस सहायता टीम से तकनीकी सहयोग ले सकते हैं। सभी विभागों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि राज्य में डिजिटल प्रशासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।






