हरियाणा, 14 अगस्त 2026 (संजीव शर्मा):हरियाणा सरकार ने नशे की रोकथाम, उपचार और पुनर्वास व्यवस्था को मजबूत करने तथा सामुदायिक सहयोग बढ़ाने के लिए चार-स्तरीय समितियों का गठन किया है। ये समितियां राज्य, जिला, उप-मंडल तथा ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड स्तर पर गठित की गई हैं।
राज्य स्तर पर गठित राज्य स्तरीय संचालन एवं निगरानी समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी होंगे। गृह, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, विकास एवं पंचायत, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा तथा महिला एवं बाल विकास विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, खेल विभाग के प्रधान सचिव तथा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव इस समिति के सदस्य होंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक इसके सदस्य सचिव होंगे। सिविल सोसायटी, सूचीबद्ध गैर-सरकारी संगठनों या संबंधित विशेषज्ञों में से दो प्रतिनिधियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।
यह समिति नशे की मांग कम करने के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना और नशा मुक्त भारत अभियान के तहत राज्य की कार्ययोजना की निगरानी करेगी। समिति जागरूकता, उपचार, परामर्श, पुनर्वास और प्रशिक्षण से संबंधित वार्षिक एवं त्रैमासिक लक्ष्यों की समीक्षा करेगी तथा संबंधित विभागों और सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय सुनिश्चित करेगी।
समिति नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की उपलब्धता और कार्यप्रणाली की भी समीक्षा करेगी। इसके अलावा नशे की दृष्टि से संवेदनशील जिलों की पहचान कर उनके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने, जिला स्तर पर किए जा रहे कार्यों का मूल्यांकन करने और आवश्यक सुधारों के निर्देश देने का कार्य करेगी। समिति की बैठक हर तीन महीने में होगी।
जिला स्तर पर उपायुक्तों की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया जाएगा। ये समितियां जिला स्तर की नशा रोकथाम कार्ययोजना तैयार करेंगी, संवेदनशील क्षेत्रों और जोखिम वाले समूहों की पहचान करेंगी तथा स्कूलों, कार्यस्थलों और समुदायों में जागरूकता कार्यक्रमों की निगरानी करेंगी।
जिला समितियां नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने के साथ-साथ नशा रोकथाम से जुड़े स्कूलों और केंद्रों का हर तीन महीने में निरीक्षण भी सुनिश्चित करेंगी।
उप-मंडल स्तर पर उप-मंडल अधिकारी (सिविल) की अध्यक्षता में समितियां कार्य करेंगी। ये समितियां संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, नशा रोकथाम गतिविधियों की प्रगति की निगरानी तथा नशा मुक्ति एवं उपचार केंद्रों का मासिक निरीक्षण सुनिश्चित करेंगी।
स्थानीय स्तर पर प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम स्तरीय नशा मुक्ति टास्क फोर्स और शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इनमें स्थानीय प्रशासन, पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों के प्रतिनिधियों के साथ युवा, वरिष्ठ नागरिक तथा सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इन टास्क फोर्स का मुख्य कार्य नशे के संभावित सेवन या तस्करी वाले स्थानों की पहचान कर इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना होगा। नशे की लत के लक्षण वाले व्यक्तियों को 72 घंटे के भीतर सरकारी स्तर पर स्वीकृत उपचार, परामर्श और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान संबंधित व्यक्ति की गोपनीयता और सम्मान का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
ग्राम और वार्ड स्तर की टास्क फोर्स ग्राम सभाओं और वार्ड सभाओं के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित करेंगी। इनका उद्देश्य नशे की समस्या से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करना, लोगों को उपचार के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित करना और समाज में नशामुक्त वातावरण तैयार करना होगा।







