Thursday, August 27, 2026
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भारत ने सांस्कृतिक विरासत और रणनीतिक शक्ति के साथ बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए विश्व में बनाई अपनी पहचान: विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण

16 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण ने कुरुक्षेत्र की नई अनाज मंडी के प्रांगण में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले स्कूली विद्यार्थियों के लिए 2 लाख 1 हजार रुपये की राशि देने की घोषणा भी की।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज का भारत केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत और रणनीतिक शक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए भी विश्व में अपनी पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता, नवाचार और आर्थिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के साथ हरियाली तीज का पावन पर्व भी मनाया जा रहा है। प्रकृति, संस्कृति और नारी शक्ति से जुड़ा यह त्योहार हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन की समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है।

विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल आर्थिक विकास की गति को बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसा विकास सुनिश्चित करना है, जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी सोच के अनुरूप केंद्र और राज्य सरकार विकसित भारत के साथ विकसित हरियाणा के संकल्प को आगे बढ़ा रही हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे 140 करोड़ से अधिक भारतीयों ने विविधता में एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति अपनी अटूट आस्था के बल पर भारत को विश्व के सबसे बड़े और मजबूत लोकतंत्र के रूप में स्थापित किया है। संविधान निर्माताओं ने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के जिन मूल्यों पर लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी थी, वह नींव समय के साथ और मजबूत हुई है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने शहीदों के परिवारों के सम्मान और कल्याण को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए जवानों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी जा रही है। पिछले लगभग 12 वर्षों में करीब साढ़े चार सौ शहीदों के आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।

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