सोनीपत, 19 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए लगातार सक्रिय हैं। इसी कड़ी में बुधवार को शिक्षा मंत्री ने सोनीपत जिले के गन्नौर क्षेत्र के दातौली गांव स्थित पी.एम. श्री जी.जी.एस.एस.एस. का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल परिसर की साफ-सफाई, बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
विद्यार्थियों से बातचीत कर जानी समस्याएं
स्कूल पहुंचने पर शिक्षा मंत्री ने न केवल भौतिक व्यवस्थाओं की जांच की, बल्कि कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद भी किया। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के स्तर, शिक्षकों की उपस्थिति, शिक्षण सामग्री और स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मंत्री ने विद्यार्थियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनकी हर जरूरत और समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
जमीनी स्तर पर उतरकर व्यवस्थाओं की जांच की पहल
प्रदेश में यह पहली बार देखने को मिल रहा है कि कोई शिक्षा मंत्री स्वयं जमीनी स्तर पर पहुंचकर सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की व्यवस्थाओं की सीधी निगरानी कर रहा है। मंत्री महीपाल ढांडा का मानना है कि केवल कार्यालयों में बैठकर नीतियां बनाने से जमीनी बदलाव संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए स्वयं मौके पर जाकर कमियों को देखना और उनमें सुधार करना जरूरी है। उनकी इस कार्यशैली की आम लोगों और अभिभावकों द्वारा सराहना की जा रही है।
11 दिनों में कई शिक्षण संस्थानों का कर चुके हैं निरीक्षण
शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने का यह अभियान लगातार जारी है। पिछले 11 दिनों के दौरान शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों का औचक निरीक्षण कर चुके हैं। इससे पहले उन्होंने पंचकूला के सरकारी कॉलेज, बस्ताड़ा के राजकीय महिला कॉलेज, पानीपत के सेक्टर-18 स्थित सरकारी कॉलेज और पानीपत के निजामपुर गांव स्थित सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का भी विस्तृत निरीक्षण किया।
शिक्षकों और अधिकारियों को दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शिक्षकों को पूरी निष्ठा से पढ़ाने और स्कूलों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में ऐसा माहौल तैयार करना है, जिससे गरीब से गरीब बच्चे को भी गुणवत्तापूर्ण और विश्वस्तरीय शिक्षा मिल सके।






