कुरुक्षेत्र, 21 अगस्त:2026 मेघदूत साहित्यिक संस्था का चतुर्थ वार्षिक आयोजन ‘मेघ मल्हार’ पंचायत भवन, कुरुक्षेत्र में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर ‘काव्य कुरुक्षेत्र’ प्रतियोगिता का समापन समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें देश के 21 राज्यों से आए साहित्यकारों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद संस्था के अध्यक्ष डॉ. रमेश चंद्र विनोदी और प्रभारी अरुण कुमार अरुण ने स्वागत संबोधन में मेघदूत संस्था की चार वर्षों की साहित्यिक यात्रा और उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में वार्षिक प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल एवं साहित्य के क्षेत्र में योगदान देने वाले अनेक साहित्यकारों को ‘व्यास शिखर सम्मान’ से सम्मानित किया गया। इनमें अमरनाथ अग्रवाल, कवि राजेश्वर वशिष्ठ, अमिता अग्रवाल, डॉ. करुणा अथैया किरण, महेश शर्मा, अबरार अंसारी, दिव्या शर्मा, महेश बिसोरिया, संजीव शुक्ल सचिन, राधा अय्यर कस्तूरी, शिखा बाहेती अमृत, डॉ. प्रिया अवस्थी शर्मा और सुनीता कोगटा जागेटिया शामिल रहे।
अति विशिष्ट अतिथियों सत्य भूषण, गायत्री कौशल और डॉ. दीपक कौशिक को भी सम्मानित किया गया। विशिष्ट अतिथियों साकेत कुमार, जय भगवान सिवाच, त्रिलोक कौशिक, राम चरण साथी, रजनीश राज, बलबीर सिंह मुद्गिल, सतीश धीमान, वंदना गुप्ता और रीटा ग्रोवर को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी रचनाकारों को साहित्य के प्रति उनके योगदान के लिए ‘कलमवीर सम्मान’ प्रदान किया गया।
वार्षिक प्रतियोगिता के लिखित चरण में मधु धीमान ने प्रथम, रुचि श्री ने द्वितीय, डॉ. इंदु अग्रवाल ने तृतीय, मोनिका प्रसाद ने चतुर्थ और काजू निषाद ने पांचवां स्थान हासिल किया। शीर्ष पांच स्थान प्राप्त करने वाले रचनाकारों को मंच पर सम्मानित किया गया।
मधु धीमान, रमा प्रवीर वर्मा और स्नेहलता पांडेय के बीच मंचीय काव्य प्रतियोगिता भी आयोजित हुई। उत्कृष्ट काव्य पाठ के आधार पर रमा प्रवीर वर्मा विजेता बनीं और संस्था की ओर से उन्हें ‘काव्य भारती’ की उपाधि से विभूषित किया गया।
दलीय स्पर्धा में ‘अर्जुन वाहिनी’ ने दल विजेता का खिताब अपने नाम किया। वाहिनी के उपस्थित सदस्यों को मेडल और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। श्रेष्ठ सेनापति शशि लाहोटी और श्रेष्ठ सारथी रमा प्रवीर वर्मा के साथ सेनापति कृष्ण कुमार श्रीवास्तव तथा सारथी नीरू गुप्ता मोहिनी को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में संस्था के चतुर्थ वार्षिक संग्रह ‘धर्मभूमि’ तथा मधु धीमान के प्रथम काव्य संग्रह ‘मधुरस’ का वरिष्ठ साहित्यकारों द्वारा विमोचन किया गया।
कार्यक्रम का मंच संचालन रीना धीमान स्वर्ण और अबरार अंसारी ने संयुक्त रूप से किया, जबकि मंच व्यवस्था की जिम्मेदारी सुनीता कोगटा जागेटिया और शिखा बाहेती ने संभाली। प्रबंधन मंडल के सदस्यों एकता कोचर रेलन और योगी रमेश कुमार ने अतिथि सत्कार का दायित्व निभाया। सुमेधा सिसोदिया, गोपाल जिगर, अभिनव आलोक कर्ण और अरुणिमा दास ने अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग दिया।
मेघदूत परिवार से राजीव मिश्रा, वैशाली गोयल, कविता अग्रवाल, रवींद्र कुमार मंडल, राजेंद्र कुमार, पूनम पुष्करणा, भारती पुष्करणा, श्वेता चौहान, स्मिता चौहान, दीप्ति मित्तल, अंशु जैन, सिद्धी ढोभाल, संतोष भट्ट, संगीता शाह और रमा त्यागी सहित अनेक साहित्यकार उपस्थित रहे। दिनभर चले विभिन्न काव्य सत्रों में 70 रचनाकारों ने काव्य पाठ किया।






