पटियाला, 21 अक्टूबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान की समीक्षा के लिए आज पटियाला के उपायुक्त डॉ. हिमांशु अग्रवाल, एसएसपी हरमंदीप हांस, सिविल सर्जन डॉ. शेली जेतली और जोनल ड्रग लाइसेंसिंग अथॉरिटी नवजोत कौर सहित अन्य अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
डॉ. बलबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि मरीजों की जान बचाने वाली महत्वपूर्ण दवाओं का नशे के लिए दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, राज्य में कार्यरत लगभग 32 हजार थोक एवं खुदरा दवा विक्रेताओं की दुकानों को संदेह की नजर से नहीं देखा जा सकता। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से पटियाला जिले में नशों के कारोबार के लिए चिह्नित 35 हॉटस्पॉट क्षेत्रों के साथ-साथ दवा विक्रेताओं की दुकानों की भी निगरानी की जा रही है, ताकि नशों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर नकेल कसी जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि चिट्टा और अन्य सिंथेटिक नशे पंजाब में नहीं बनते, बल्कि पाकिस्तान या अन्य राज्यों से यहां पहुंचते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सहित पंजाब सरकार केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों के समक्ष बार-बार यह मुद्दा उठा चुकी है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास विशेष जांच अभियान चलाया जाए, ताकि इन स्थानों पर नशों की बिक्री न हो सके।
डॉ. बलबीर सिंह ने जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी को पुलिस की सहायता से जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी दवा विक्रेता बिना लाइसेंस के दवाइयों की बिक्री न करे और मरीजों की जान बचाने वाली दवाइयां डॉक्टर की पर्ची के बिना किसी को न बेचे। उन्होंने कहा कि दवा विक्रेता आमतौर पर सेवा भावना से काम करते हैं, लेकिन यदि कोई व्यक्ति इस तरह के अवैध कारोबार में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कैबिनेट मंत्री ने पंजाब के लोगों से भी अपील की कि यदि उन्हें किसी दवा विक्रेता या अन्य व्यक्ति द्वारा नशा बेचने की जानकारी मिलती है, तो वे स्वयं कार्रवाई करने या कानून अपने हाथ में लेने के बजाय इसकी सूचना पुलिस, ड्रग लाइसेंसिंग अथॉरिटी, सिविल सर्जन कार्यालय अथवा ‘सेफ पंजाब एंटी-ड्रग’ व्हाट्सऐप चैटबॉट नंबर 97791-00200 पर दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पता गोपनीय रखा जाएगा।
उपायुक्त डॉ. हिमांशु अग्रवाल और एसएसपी हरमंदीप हांस सहित अन्य अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार के निर्देशों और स्वास्थ्य मंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिले में ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को सफल बनाया जाएगा। बैठक के दौरान एडीसी दमनजीत सिंह मान और अनुप्रिता जौहल, एसपी सिटी मोहित अग्रवाल, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. जसविंदर सिंह तथा ड्रग इंस्पेक्टरों सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।






